सीहोर : सावन के तीसरे सोमवार को कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 17 अगस्त 2026

सीहोर : सावन के तीसरे सोमवार को कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब

  • डेढ़ लाख से अधिक कांवड़ यात्रियों ने किया भगवान शिव का अभिषेक
  • 25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, 100 से अधिक स्थानों पर सेवादार करेंगे श्रद्धालुओं की सेवा

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सीहोर। सावन मास के तीसरे सोमवार को विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र कुबेरेश्वरधाम पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोमवार को डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक करीब 11 किलोमीटर का पूरा मार्ग कांवड़ यात्रियों से शिवमय नजर आया। बारिश के बीच भी महिला, युवा और बुजुर्ग शिवभक्त पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ कांवड़ लेकर धाम पहुंचे। सावन मास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी से जल लेकर पैदल कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए सीवन नदी से लेकर धाम तक अनेक स्थानों पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। इन सेवा केंद्रों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, फलाहार, चाय और प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एवं समाजसेवी पूरे सेवाभाव के साथ कांवड़ यात्रियों का स्वागत कर उनकी सेवा में जुटे हुए हैं।


भक्ति में दिखावे की आवश्यकता नहीं

सोमवार को धाम पर पहुंचे कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव की भक्ति में किसी प्रकार के दिखावे और आडंबर की आवश्यकता नहीं है। भगवान भाव के भूखे हैं और सच्चे मन से की गई भक्ति ही सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में चरित्र, ज्ञान और व्यवहार का विशेष महत्व है। इन तीनों चीजों की नकल कोई नहीं कर सकता। व्यक्ति का चरित्र उसके कर्मों, ज्ञान उसके आचरण और व्यवहार उसके संस्कारों से दिखाई देता है।


25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सावन मास के प्रत्येक सोमवार को सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। आगामी 25 अगस्त को भी भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 100 से अधिक स्थानों पर सेवा केंद्र बनाए जाएंगे, जहां विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सेवादार पेयजल, फलाहार, चाय और प्रसादी सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन एवं विभिन्न सेवा संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक लगातार दिखाई दे रही कांवड़ यात्रियों की भीड़, भगवा ध्वज और सेवा पंडालों ने पूरे क्षेत्र को शिवभक्ति और सेवा के रंग में रंग दिया है। सावन के तीसरे सोमवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने कुबेरेश्वरधाम की भक्ति और आस्था को और व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

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