- 50वें 'गोल्डन जुबिली' इंडिया कारपेट एक्सपो-2026 की तैयारियां तेज
- 4 से 6 अक्टूबर तक जुटेंगे दुनिया भर के खरीदार
- निर्यात, नवाचार और भारतीय हस्तनिर्मित कालीन की 50 वर्षों की गौरवगाथा का होगा भव्य उत्सव
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो केवल एक व्यापारिक मेला नहीं, बल्कि भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की आधी सदी की उपलब्धियों, उत्कृष्ट शिल्प, परंपरा, नवाचार और वैश्विक प्रतिष्ठा का स्वर्णिम उत्सव है। यह आयोजन दुनिया के प्रमुख खरीदारों, निर्यातकों, आयातकों, डिजाइनरों और निर्माताओं को एक ही मंच पर लाएगा, जिससे नए व्यावसायिक संबंध स्थापित होंगे और भारतीय कालीन उद्योग के लिए निर्यात के नए द्वार खुलेंगे। सीईपीसी पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि गोल्डन जुबिली संस्करण भारतीय कालीन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान देने के साथ-साथ 'मेड इन इंडिया' हस्तनिर्मित कालीनों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा। इससे भदोही सहित पूर्वांचल के हजारों बुनकरों, कारीगरों और निर्यातकों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। बैठक में मेला संयोजक वासिफ अंसारी के साथ प्रशासनिक समिति के सदस्य अनिल कुमार सिंह, इम्तियाज अहमद, संजय गुप्ता, हुसैन जफर हुसैनी और रोहित गुप्ता उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण समन्वय, समयबद्ध कार्ययोजना और सामूहिक प्रयास का संकल्प दोहराया।
50वां इंडिया कारपेट एक्सपो-2026
तिथि: 4 से 6 अक्टूबर, 2026
स्थान: कारपेट एक्सपो मार्ट, कारपेट सिटी, भदोही
विशेषता: गोल्डन जुबिली (50वां संस्करण)
मुख्य उद्देश्य: भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ना
अपेक्षा: देश-विदेश के खरीदार, निर्यातक, निर्माता और डिजाइन विशेषज्ञ होंगे शामिल
फोकस: निर्यात विस्तार, नए व्यापारिक समझौते और भारतीय कालीन उद्योग की वैश्विक ब्रांडिंग

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