सीहोर : 13 साल का बड़ा भाई अपने 3 साल के छोटे भाई को गोद में लेकर कांवड के साथ निकला - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 20 अगस्त 2026

सीहोर : 13 साल का बड़ा भाई अपने 3 साल के छोटे भाई को गोद में लेकर कांवड के साथ निकला

  • ट्राइसिकल पर कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचे दिव्यांग राजेश, आस्था के आगे हौसले ने तय किया 11 किमी का सफर
  • तीन साल से सीवन नदी के तट से कांवड़ लेकर पहुंच रहे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु, विठलेश सेवा समिति ने किया सम्मान

Kanwar-yatra-sehore
सीहोर। शहर के सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक गुरुवार को शिवभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हजारों श्रद्धालु कंधों पर कांवड़ लेकर बाबा के धाम की ओर बढ़ रहे थे। इसी भीड़ में छत्तीसगढ़ निवासी दिव्यांग राजेश ट्राइसिकल पर कांवड़ लेकर करीब 11 किलोमीटर की यात्रा करते नजर आए। आस्था और हौसले के इस संगम ने रास्ते से गुजर रहे श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। इसको अलावा एक 13 साल का बड़ा भाई अपने 3 साल के छोटे भाई को गोद में कंधे पर कांवड़ लेकर धाम तक पहुंचा। राजेश ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से लगातार सीवन नदी के तट से पवित्र जल लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं। इस बार भी वह अपने साथियों के साथ वाहन से ट्राइसिकल लेकर सीहोर पहुंचे और सीवन नदी के तट से कांवड़ यात्रा शुरू की। उन्होंने बताया कि पूर्व में उनके परिवार में गृहक्लेश का वातावरण रहता था और उनका बेटा नशे की गिरफ्त में था। परिवार में शिव महापुराण का श्रवण और भगवान शिव की भक्ति शुरू होने के बाद अब घर में शांति और सद्भाव का वातावरण है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव पर विश्वास रखने से उन्हें आत्मिक शक्ति मिलती है और इसी आस्था के चलते वह हर साल कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचते हैं।


दिव्यांग श्रद्धालु का किया सम्मान

राजेश के उत्साह और भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था को देखते हुए विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सदस्यों ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया। उनके साथ छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथाओं से प्रेरित होकर नशे जैसी बुराइयों से दूर होकर भक्ति और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।


भाव से की गई शिव आराधना मनोकामना पूर्ण करती है : राघव मिश्रा

कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ भाव से की गई भक्ति से प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। सभी देवी-देवताओं के सृजनकर्ता होने के कारण भगवान शिव को महादेव कहा जाता है। महादेव स्वरूप की आराधना करने से सभी देवी-देवताओं की पूजा का फल प्राप्त होता है। उन्होंने भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की महिमा बताते हुए कहा कि शिव का एक स्वरूप आशुतोष है। भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होने के कारण उन्हें आशुतोष कहा जाता है। आशुतोष की आराधना से मानसिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है। वहीं संहार शक्ति के कारण भगवान शिव का एक स्वरूप रुद्र भी है। उन्होंने कहा कि शिव आराधना मनुष्य को आध्यात्मिक शक्ति के साथ जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।


24 अगस्त को अंतिम सोमवार, 25 को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सावन माह में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। 24 अगस्त को सावन का अंतिम सोमवार होने के कारण रविवार, सोमवार और मंगलवार को लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं ने शहर और आसपास के होटल, धर्मशाला तथा होम स्टे में पहले से ही बुकिंग कर रखी है। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त को सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा को लेकर शहर सहित पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल है। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्टॉल लगाए जा रहे हैं। सावन भगवान शिव को समर्पित माह है। इस दौरान शिवभक्त पवित्र नदियों का जल कांवड़ में लेकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं। आस्था, सेवा और भक्ति से जुड़ी कांवड़ यात्रा अब सीहोर और कुबेरेश्वरधाम की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।


कांवड़ यात्रा से बाजार में भी बढ़ी रौनक

सावन मास और कांवड़ यात्रा के चलते शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। भगवा वस्त्र, महादेव प्रिंट वाली टी-शर्ट, कांवड़ सजाने की सामग्री और पूजा सामग्री की मांग बढ़ी है। दुकानदारों के कारोबार में भी तेजी देखने को मिल रही है।

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