- ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा में नपाध्यक्ष ने की सहभागिता, पंडित मिश्रा का किया स्वागत; नगर पालिका के 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे
300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे
ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन के साथ नगर पालिका परिषद की टीम भी व्यवस्थाओं में पूरी तरह जुटी रही। नगर पालिका के करीब 300 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक विभिन्न व्यवस्थाओं में तैनात रहे। स्वच्छता, पेयजल, यातायात सहयोग और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कर्मचारियों ने लगातार सेवाएं दीं।
कांवड़ भरने के लिए लगाए करीब 600 नल
नगर पालिका अध्यक्ष श्री राठौर ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीवन नदी क्षेत्र में करीब 600 नलों की व्यवस्था की गई। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को कांवड़ में जल भरने में सुविधा मिली। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए दर्जनों कचरा वाहन लगाए गए और सफाईकर्मियों की टीम लगातार काम करती रही।
श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी रही नपा की टीम
नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सीहोर पहुंचना शहरवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। नगर पालिका का प्रयास रहा कि कांवड़ यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता, पेयजल सहित आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, आस्था और सेवा की भावना से निकली यह कांवड़ यात्रा सीहोर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करती है। नगर पालिका परिषद भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करेगी।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मार्ग
कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कंधों पर कांवड़ और हाथों में भगवा ध्वज लिए शिवभक्त भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए कुबेरेश्वरधाम की ओर बढ़ते रहे। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और श्री शिवाय नमस्तुभ के जयघोष से सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया। नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे नगर पालिका के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों का भी आभार व्यक्त किया।

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