मुंबई : टीवी और ओटीटी के बीच घटते फर्क के बीच स्टार प्लस का ‘ये फितूर तेरा’ बिल्कुल सही जगह पर है - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 22 अगस्त 2026

मुंबई : टीवी और ओटीटी के बीच घटते फर्क के बीच स्टार प्लस का ‘ये फितूर तेरा’ बिल्कुल सही जगह पर है

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मुंबई, 22 अगस्त : कई सालों से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में यह चर्चा होती रही है कि क्या ओटीटी एक दिन टेलीविजन की जगह ले लेगा। लेकिन आज दर्शक जिस तरह से कंटेंट देख रहे हैं, उससे तस्वीर कुछ अलग नजर आती है। टीवी और ओटीटी अब धीरे-धीरे एक ही व्यूइंग इकोसिस्टम का हिस्सा बनते जा रहे हैं, जहां दर्शक अपनी आदत, पसंद और सुविधा के हिसाब से दोनों के बीच आसानी से आते-जाते हैं। स्टार प्लस का नया शो ‘ये फितूर तेरा’ इसी बदलती दुनिया के बीच अपनी जगह बनाता है। दिल से देखें तो यह सौम्या और जीत की एक आज के समय की लव स्टोरी है। इसमें वह अपनापन और इमोशंस हैं, जिन्हें दर्शक हमेशा से टेलीविजन फिक्शन में पसंद करते आए हैं। वहीं, इसके युवा किरदार, कॉलेज का माहौल और आज के रिश्तों को देखने का तरीका इसे उस जेनरेशन से भी जोड़ता है, जो ओटीटी पर कंटेंट देखने की आदी हो चुकी है।

 

कोई व्यूअर सौम्या और जीत की कहानी को टेलीविजन पर अपनी रोज की व्यूइंग रूटीन का हिस्सा बनाकर देख सकता है, तो कोई इसे जियोहॉटस्टार पर अपनी सुविधा के हिसाब से, अपने समय पर देख सकता है। कंटेंट वही है, लेकिन उसे देखने का तरीका बदल गया है। और शायद एंटरटेनमेंट की दुनिया में आज सबसे दिलचस्प बदलाव यही है। अब ‘टीवी ऑडियंस’ और ‘ओटीटी ऑडियंस’ को दो अलग-अलग ग्रुप्स की तरह देखना उतना जरूरी नहीं रहा। एक ही व्यूअर अलग-अलग समय पर दोनों हो सकता है, यह बस इस बात पर निर्भर करता है कि उस वक्त वह क्या देखना चाहता है। ‘ये फितूर तेरा’ जैसे शो के लिए यही बात इसे खास बनाती है। इसकी इमोशनल स्टोरीटेलिंग टेलीविजन की उस ताकत से जुड़ी है, जहां कैरेक्टर्स और रिलेशनशिप्स को समय के साथ आगे बढ़ने की जगह मिलती है। वहीं, इसके यंग प्रोटागोनिस्ट्स, कॉलेज सेटिंग, म्यूजिक और कंटेम्परेरी रिलेशनशिप्स इसे उन व्यूअर्स के लिए भी रेलिवेंट बनाते हैं, जो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर फिक्शन देखने में कंफर्टेबल हैं। यह बदलाव स्टोरीटेलिंग को देखने का हमारा नजरिया भी बदल रहा है। अब सवाल यह नहीं है कि कोई स्टोरी टेलीविजन के लिए है या ओटीटी के लिए। सवाल यह है कि क्या वह स्टोरी ऑडियंस से जुड़ सकती है, चाहे वह उसे कहीं भी देखना पसंद करे। शायद आने वाला समय टीवी वर्सेज ओटीटी का नहीं है। यह उन स्टोरीज का समय है, जो दोनों प्लेटफॉर्म्स पर अपनी जगह बना सकें। जब प्लेटफॉर्म से ज्यादा इंपॉर्टेंट स्टोरी हो जाती है, तो आखिर में सबसे बड़ा विनर ऑडियंस ही होती है।

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