- शीघ्र सर्वे करने मुआवजा और बीमा राशि दिलाने की किसानों ने की मांग

सीहोर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान अत्यधिक बारिश से खेतों में खराब हुई सोयाबीन की फसल के पौधे लेकर पहुंचे। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में बैठकर धरना दिया। राजस्व विभाग के द्वारा सेटेलाइट से कराया जा रहे भूमि सीमांकन को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई। पटवारियो के दुर्व्यवहार और दूध कंपनियां के द्वारा कम दाम पर दूध खरीदने को लेकर भी आक्रोश व्यक्त किया। सेमरा दांगी के किसान नेता बने सिंह दांगी के नेतृत्व में सैकड़ो किसानों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम का ज्ञापन तहसीलदार अमित सिंह को दिया। किसान नेता बने सिंह दांगी ने कहा कि सेटेलाइट से किया जा रहे हैं सर्वे कारण किसानों में आपस में झगड़ा हो रहा है। सेटेलाइट के सीमांकन से किसानों के नक्शे परिवर्तित हो गए हैं। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी अत्यधिक बिजली के बल दे रहे हैं। किसानों पर झूठे चोरी के प्रकरण बनाए जा रहे हैं। पशुपालक किसानों से दूध कंपनियां कम दाम पर दूध खरीद कर अत्यधिक दम पर उपभोक्ताओं को बेज रही है जिससे पशु पालक किसानों को कोई भी फायदा नहीं हो रहा है। किसानों ने शासन प्रशासन से खराब हुई फसल का शीघ्र सर्वे करने, पर्याप्त मुआवजा और बीमाधन दिलाने, पशु पालकों के हित में दूध के दाम बढ़ाने, विद्युत वितरण कंपनी की मनमानी पर रोक लगाने जैसी अनेक मांगे की। किसानों ने कहा कि बीते साल का मुआवजा भी अब तक नहीं मिला है। प्रदर्शन में बलवंत सिंह पटेल, चंद्रभान सिंह प्रियांशु धनराज महेंद्र सिंह दयाल सिंह प्रताप सिंह रेखा बाई,बटन लाल सहित सेमरा दांगी, मुंगावली, दुपारिया, बिछिया, रायपुर, मगरदा, सेमली, झरखेड़ा, सिराली, बमूलिया सहित अन्य गांवों के किसान शामिल रहे।
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