- वर्षी से आवासीय विद्यालय में जमे प्राचार्य को तत्काल हटाए जाने की मांग
- शिक्षा के मंदिरों में आयोजनों से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर होता है नकारात्मक असर : पंकज शर्मा

सीहोर। जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा ने एक बयान जारी कर शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले निजी आयोजनों पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग जिला प्रशासन से की है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है और ये बच्चों की पढ़ाई का समय है, लेकिन सीहोर में कुछ शैक्षणिक संस्थानों के परिसर को उनके प्राचार्यों द्वारा सांस्कृतिक गतिविधियों, गरबा आदि के लिए लगभग एक माह के लिए दे दिया गया है। ऐसा करने से ना केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि उनके भविष्य पर भी बुरा असर पड़ेगा। पंकज शर्मा ने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि ऐसा करने वाले संस्थानों में शासकीय आवासीय खेलकूद संस्थान शामिल है। गौरतलब है कि ये अपनी तरह का पूरे प्रदेश का एकमात्र आवासीय विद्यालय है, जहां छात्रों को पढ़ाई के साथ ही खेलकूद के क्षेत्र में भी प्रशिक्षण देकर तराशा जाता है, जिससे वो पढ़ाई के साथ ही खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें, लेकिन यहां के प्राचार्य ने इसे राजनीति का अड्डा बना दिया है। पूर्व में भी उन्होंने यहां के छात्रों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आयोजन में भेजा था, जिस पर काफी विवाद भी हुआ था, क्योंकि विद्यालय पढ़ने की जगह है, ना कि राजनीति करने की। ताजा मामले में भी यहां के प्राचार्य ने परिसर में एक संस्था को गरबा के प्रशिक्षण तथा आयोजन की अनुमति दी है, जिसमें वो संस्था लगभग एक महीने तक इसके परिसर में गरबा का प्रशिक्षण देगी और फिर यहां गरबा का आयोजन होगा। पंकज शर्मा ने कहा कि इस सबके कारण यहां के छात्रों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होगीं, इसकी जिम्मेदारी सिर्फ यहां के प्राचार्य की होगी। उन्होंने कहा कि जब आवासीय विद्यालय को निजी आयोजनों के लिए देने पर प्रतिबंध लगा हुआ है तथा स्कूल शिक्षा विभाग ने भी चलते सत्र में सरकारी स्कूलों में निजी आयोजनों पर रोक लगा रखी है, तो फिर यहां के प्राचार्य ने विभाग के नियमों की अनदेखी करके किस आधार पर इसको एक निजी संस्था को गरबा आयोजन हेतु दे दिया, ये जांच का विषय है। पंकज शर्मा ने कहा कि निजी संस्था को किसी गार्डन या प्राइवेट जगह पर ऐसे आयोजन करने चाहिए, ना कि शासकीय शैक्षणिक संस्थानों में। पंकज शर्मा ने बताया कि यहां के प्राचार्य अपने रसूख के दम पर वर्षों से इस संस्था में जमे हुए हैं और लगातार अपनी मनमानी कर रहे हैं, फिर भी ना जाने किस कारण से उनको यहां से हटाया नहीं जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से प्राचार्य द्वारा दी गई उक्त गरबा के आयोजन की अनुमति तत्काल रद्द करने और यहां के प्राचार्य को तत्काल हटाकर किसी अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को यहां प्राचार्य नियुक्त करने की मांग की है, ताकि यहां की बिगड़ी हुई व्यवस्थाएं फिर से सुधर सकें और यहां के छात्रों का भविष्य गर्त में जाने से बच सके। पंकज शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो इस बारे में स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन देकर संबंधितों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग करेंगे।
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