उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं। एक मजबूत और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण के लिए शिक्षकों का सम्मान और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इस अवसर पर ए.आई.सी.सी के प्रभारी माणिकराव ठाकरे, बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी शाहनवाज आलम, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, डा0 स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, मिन्नत रहमानी, डा0 कुमारी सोनी, चन्द्रभूषण राजपूत, अरविन्द लाल रजक, गोरख नाथ, डा0 अमन कुमार, रविन्द्र पासवान, शशि भूषण पंडित, डा0 परवेज, शैली विनोद, आरती कुमारी, अमित कुमार, सुरेश मुखिया, अरविन्द कुमार पासवान, अरूण कुमार, माधुरी कुमारी सहित अन्य नेता मौजूद थे।
पटना, 5 सितंबर (रजनीश के झा) । भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की 138 वीं जयंती के अवसर पर आज शिक्षक दिवस प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव ने की। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कपिलदेव प्रसाद यादव ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी महान दार्शनिक, शिक्षाविद् और राष्ट्रनायक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। उनका मानना था कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र निर्माण और राष्ट्र के विकास का आधार है।

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