सीहोर : आज मनाया जाएगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 22 सितंबर 2026

सीहोर : आज मनाया जाएगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

  • कड़वे वचनों को ध्रुव ने ताना नहीं, भगवान को पाने का मार्ग मान लिया : पंडित प्रदीप मिश्रा
  • भागवत कथा के तीसरे दिन ध्रुव, जड़भरत और भक्त प्रह्लाद के प्रसंगों का हुआ भावपूर्ण वर्णन, वामन अवतार की सजी झांकी

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सीहोर। शहर के बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में अग्रवाल महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए ध्रुव चरित्र, जड़भरत, भक्त प्रह्लाद और भगवान वामन अवतार की कथा सुनाई। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर नजर आए। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि संतान होना भाग्य की बात है, लेकिन संतान से सुख प्राप्त होना सौभाग्य की बात है। माता-पिता के संस्कार ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। परिवार में प्रेम, सम्मान और धर्म का वातावरण बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि भक्ति के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को दूसरों के कड़वे वचनों और निंदा की चिंता नहीं करनी चाहिए। सत्य के मार्ग पर चलने वालों को कई बार निंदा और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है, लेकिन भक्त को इससे विचलित नहीं होना चाहिए। ध्रुव ने कड़वे वचनों को ताना नहीं माना, बल्कि उसे भगवान को पाने का मार्ग मान लिया। इसी अटल विश्वास और साधना के कारण ध्रुव का चरित्र आज भी प्रेरणा देता है।


अटल विश्वास और समर्पण से दूर होती हैं जीवन की बाधाएं

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कथा के दौरान पंडित श्री मिश्रा ने ध्रुव और प्रह्लाद के जीवन प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि दोनों ही भगवान के प्रति अटूट विश्वास, भक्ति और सत्य के प्रतीक हैं। उन्होंने माया-मोह से ऊपर उठकर भगवान को अपना एकमात्र आराध्य माना। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि भक्ति के लिए सबसे आवश्यक अटूट विश्वास और सच्चा समर्पण है। उन्होंने कहा कि ध्रुव और प्रह्लाद ने विपरीत परिस्थितियों और कठिनाइयों के बावजूद भगवान की आराधना नहीं छोड़ी। इसी प्रकार मनुष्य को भी जीवन में आने वाले संकटों से घबराने के बजाय भगवान पर विश्वास रखते हुए अपने मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। धार्मिक आस्था के अनुसार सच्चे मन से की गई प्रार्थना और भक्ति भक्त को आंतरिक शक्ति प्रदान करती है।


बच्चों को सुनाएं ध्रुव और प्रह्लाद की कथा

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्हें भक्त ध्रुव और प्रह्लाद की कथाएं अवश्य सुनानी चाहिए। इन प्रसंगों के माध्यम से बच्चों में सत्य, विश्वास, धैर्य, भक्ति और अच्छे संस्कारों के भाव विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता का व्यवहार और परिवार का वातावरण बच्चों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए बच्चों के सामने धार्मिक और प्रेरणादायी प्रसंगों का वाचन तथा संस्कारों की चर्चा परिवार का हिस्सा बनना चाहिए।


वामन अवतार की सजी आकर्षक झांकी

भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान वामन अवतार की आकर्षक झांकी भी सजाई गई। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान वामन अवतार की कथा का विस्तार से वर्णन किया। झांकी के दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा स्थल पर भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


आज भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, हजारों श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया

अग्रवाल महिला मंडल के अनुसार कथा के आगामी दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से जुड़े प्रसंगों का वर्णन होगा और श्रद्धालु उत्साह के साथ जन्मोत्सव मनाएंगे। वहीं ग्यारस के पावन अवसर पर कथा की आरती के पश्चात विठलेश सेवा समिति द्वारा फलहारी प्रसादी का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। कथा के दौरान अग्रवाल महिला मंडल की पदाधिकारियों और सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा स्थल पर भगवान के जयकारों और भजनों के बीच श्रद्धालुओं ने एकाग्रचित्त होकर भागवत कथा का श्रवण किया।

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