मोदी ने कहा, ‘‘भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने आतंकवाद से निपटने की भारत की नीति का एक नया साहसिक उदाहरण पूरी दुनिया के सामने पेश किया।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवादी हमलों का दर्द लंबे समय तक सहा और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ इसका निर्णायक जवाब थी। उन्होंने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चल रहा है।’’ भारतीय सेना ने उरी में सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। मोदी ने जारी जनगणना प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और इसमें हर नागरिक की भूमिका है। उन्होंने लोगों से जनगणना के दौरान ऑनलाइन गणना सुविधा का लाभ उठाने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवा नशे के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के माध्यम से युवा रचनात्मक अभियानों और गतिविधियों के जरिए जागरूकता फैला रहे हैं।’’ मोदी ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के दौरान देशभर में लाखों युवाओं ने नशे और मादक पदार्थों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं ने खुद नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और इस संदेश को दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है।’’ प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और कहा कि उन्होंने समाज के बीच रहते हुए भी एक तपस्वी जैसा जीवन जिया। मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन को जो दिशा दी और उसमें भव्य मंदिर के रूप में अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं।’’
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि 2016 में की गई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ आतंकवादी हमलों का दर्द झेल रहे भारत का निर्णायक जवाब थी और इसने आतंकवाद से निपटने की देश की नीति का एक साहसिक उदाहरण दुनिया के सामने पेश किया। मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चलता है और देश ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का कड़ा एवं निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना के एक शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद 28-29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। उन्होंने कहा कि भारत के वीर जवानों ने जिस तरह नियंत्रण रेखा पार कर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की, उससे पूरी दुनिया हैरान रह गई थी।

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