दिल्ली : राहुल न केवल ‘फेल प्रोडक्ट’, बल्कि ‘मानसिक रूप से अस्थिर’ भी प्रतीत होते हैं : भाजपा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

दिल्ली : राहुल न केवल ‘फेल प्रोडक्ट’, बल्कि ‘मानसिक रूप से अस्थिर’ भी प्रतीत होते हैं : भाजपा

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता न केवल ‘‘फेल प्रोडक्ट’’ हैं, बल्कि मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति भी प्रतीत होते हैं। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि मुख्य विपक्षी दल राहुल गांधी की नाकामियों के बावजूद उन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार ‘‘भारत की पूरी व्यवस्था, संस्कृति, परंपराओं और हिंदू आस्था को ध्वस्त करने’’ की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गांधी पर निशाना साधे जाने के एक दिन बाद यह बयान आया है। मोदी ने कहा था कि देश में एक साल में श्रीहरिकोटा से उतने रॉकेट लांच नहीं होते, जितनी बार कांग्रेस अपने नेता को ‘लॉन्च’ करने की असफल कोशिशें करती है। त्रिवेदी ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुछ उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि गांधी एक ‘‘फेल प्रोडक्ट’’ हैं, फिर भी कांग्रेस उन्हें बार-बार ‘‘नाकाम तरीके से’’ आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता के ‘‘मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति’’ होने के अपने आरोप के समर्थन में भी कुछ उदाहरण दिये। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उन्हें राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज और निशानेबाज के रूप में दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में दाखिला मिला था, लेकिन इसके बाद उनका निशाना चूकने लगा और बार-बार चूकता ही रहा। इसके बाद से देश ने निशानेबाजी की दुनिया में उनकी कोई उपलब्धि नहीं देखी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद वह अपने परिवार की परंपरा के अनुसार पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए। उन्होंने (राहुल गांधी) 1996 से 1999 के बीच एक ब्रिटिश कंपनी में काम किया, जो अंततः बंद हो गई। बाद में वह एक अन्य ब्रिटिश कंपनी में साझेदार बने और निदेशक के रूप में काम किया। वह कंपनी भी बंद हो गई।’’ 


त्रिवेदी ने दावा किया कि गांधी ने कांग्रेस को उसके ‘‘140 साल के इतिहास के सबसे निचले स्तर’’ पर पहुंचा दिया है और उनके नेतृत्व में पार्टी को चुनावों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है।  उन्होंने कहा, ‘‘उनके प्रभाव पर गौर कीजिए। वह जहां भी कदम रखते हैं, वहां तबाही मच जाती है।’’ राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया, ‘‘गांधी की हाल की टिप्पणियां कि वह 200 सरकारी अधिकारियों के संपर्क में हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार उन्हें संदेश भेजते हैं, कांग्रेस नेता की अस्थिर मानसिक स्थिति के संकेत हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गांधी दावा करते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में कोई महिला नहीं है, लेकिन इसके विपरीत वह यह भी कहते हैं कि संघ से जुड़ी महिलाएं उन्हें जानकारी दे रही हैं। वह यह भी दावा करते हैं कि हाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) विरोधी प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में ले रहे पुलिसकर्मियों ने उनके कान में कहा कि वह सही हैं।’’ त्रिवेदी ने कहा, ‘‘अब आकाशवाणी परिसर में उनके प्रवेश करने के तरीके पर गौर कीजिए। क्या आपको लगता है कि यह मानसिक संतुलन को दर्शाता है? संसद में हुई उस घटना को याद कीजिए, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गले लगाया था और फिर अपनी सीट पर लौटकर आंख मारने का इशारा किया था।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कभी-कभी ‘‘एक खास तरह की विक्षिप्त मानसिक स्थिति या कुछ पदार्थों के सेवन के बाद’’ किसी व्यक्ति को ‘‘भ्रम’’ हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां गंभीर चिंता की बात यह है कि कांग्रेस ने (गांधी के) इस भ्रम को ही सच मानकर व्यवहार करना शुरू कर दिया है। (गांधी की) मदहोशी की स्थिति को वास्तविकता समझकर कांग्रेस ने खुद भी अपना विवेक खो दिया है। ऐसी नशे जैसी स्थिति में रहने वाले व्यक्ति के पीछे चलकर वे अपने विनाश की ओर बढ़ रहे हैं।’’

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