दिल्ली : रूस करीब 70 हजार भारतीय कुशल कामगारों को देगा रोजगार : जयशंकर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 4 अक्टूबर 2026

दिल्ली : रूस करीब 70 हजार भारतीय कुशल कामगारों को देगा रोजगार : जयशंकर

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नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को एक संसदीय परामर्श समिति को रूस के साथ भारत के ‘‘बहुआयामी’’ संबंधों के बारे में जानकारी देते हुए द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के साझा प्रयासों को रेखांकित किया। भारत-रूस संबंधों पर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जयशंकर ने सदस्यों को यूक्रेन संघर्ष पर भारत के रुख और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में योगदान देने के लिए हाल में किए गए कूटनीतिक प्रयासों से भी अवगत कराया। सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्री ने समिति को यह भी जानकारी दी कि रूस इस साल करीब 70,000 कुशल भारतीय कामगारों को अपने यहां काम देगा। इनमें खासतौर पर निर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के कामगार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों पर चर्चा के दौरान जयशंकर ने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित तरीके से बढ़ाने की साझा इच्छा है। इसके तहत रूस को भारत के निर्यात को सात क्षेत्रों— ऑटोमोबाइल, दवा, खाद्य, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, रसायन और कपड़ा— में बढ़ाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री ने भारत-रूस ऊर्जा संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने कहा, ‘‘हमारा रुख आपूर्ति के कई स्रोत बनाए रखने का है।’’ जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संपर्क, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों समेत भारत-रूस के बहुआयामी सहयोग के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया। मंत्री ने कहा कि उन्होंने यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए ‘‘संवाद और कूटनीति को भारत के सक्रिय समर्थन’’ का भी उल्लेख किया। सूत्रों ने बताया कि यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने और शांति बहाल करने में योगदान देने के लिए भारत के हालिया प्रयासों पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने 31 अगस्त को बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए।’’ जयशंकर ने पिछले महीने यूक्रेन की यात्रा की थी और कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में यूक्रेन और रूस के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात की थी।

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