ये टिप्पणियां रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान के एक दिन बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि यूक्रेन संघर्ष का सभी पक्षों को स्वीकार्य समाधान तलाशने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास ‘‘बहुत अच्छे विचार’’ हैं। सिबिहा ने कहा कि संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव भारत, तुर्किये, मिस्र और अमेरिका की ओर से आए हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्धविराम के विभिन्न प्रारूपों पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी समझौते में केवल सैन्य अभियानों को ही नहीं, बल्कि ऊर्जा और बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे पर हमलों तथा काला सागर की स्थिति को भी शामिल किया जाना चाहिए। पुतिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि मोदी, करीबी रिश्ते होने के बावजूद, संघर्ष खत्म करने का मुद्दा ‘‘लगातार उठाते हैं।’’ सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, पुतिन ने ‘वाल्दाई अंतरराष्ट्रीय चर्चा क्लब’ की वार्षिक बैठक में कहा, ‘‘पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी के पास बहुत अच्छे विचार हैं।’’ पिछले महीने नयी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले, पुतिन और मोदी के बीच बातचीत हुई, जिसमें रूसी नेता ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन संघर्ष और शांति के लिए प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उससे कुछ दिन पहले ‘क्रेमलिन’ (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत की ओर से किए जाने वाले किसी भी शांति प्रयास का स्वागत करेगा।
यूक्रेन ने रूस के साथ संभावित युद्धविराम के लिए भारत के प्रस्ताव को कीव को मिले चार प्रस्तावों में से ‘‘सबसे व्यापक’’ बताया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि उनका देश ऊर्जा बुनियादी ढांचे और काला सागर को लेकर युद्धविराम के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है। अखबार ‘यूरोपियन प्रावदा’ के अनुसार सिबिहा ने शुक्रवार को कीव में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे पास चार प्रस्ताव हैं। इनमें सबसे व्यापक भारत का प्रस्ताव है। हम ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर को लेकर युद्धविराम के लिए तैयार हैं, लेकिन केवल दोनों को एक साथ लागू किए जाने की स्थिति में।’’ रूस-यूक्रेन युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस युद्ध में हजारों नागरिकों की मौत हुई है, लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और मकानों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

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