चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के आर्थिक सुस्ती से जूझने के बीच शी ने ‘न्यू लॉन्ग मार्च’ का आह्वान किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के आर्थिक सुस्ती से जूझने के बीच शी ने ‘न्यू लॉन्ग मार्च’ का आह्वान किया

Xi-zinping
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की एक अहम बैठक से पहले “न्यू लॉन्ग मार्च” का बृहस्पतिवार को आह्वान किया। उन्होंने 1930 के दशक की उस ऐतिहासिक वापसी का जिक्र किया, जो पार्टी के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हुई थी और जिसने माओत्से तुंग के सत्ता में आने का रास्ता साफ किया था। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के इतिहास में 1934 से 1936 तक चला ‘लॉन्ग मार्च’ एक निर्णायक मोड़ था। इसने माओ को उनका नेतृत्व मजबूत करने, कम्युनिस्ट आंदोलन को बचाए रखने और 1949 में चीन में कम्युनिस्टों की जीत की नींव रखने में मदद की थी। चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को ‘लॉन्ग मार्च’ की 90वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बीजिंग में आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “यह अभूतपूर्व क्रांतिकारी उपलब्धि हमारी पार्टी, देश और सेना के इतिहास में बहुत महत्व रखती है और चीनी राष्ट्र के पुनरुत्थान की दिशा में हमारी यात्रा पर इसका गहरा प्रभाव है।” सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार, पार्टी के मुख्य नेता चिनफिंग ने इस बात पर जोर दिया कि रेड आर्मी के ‘लॉन्ग मार्च’ की जीत के लिए पार्टी का सही नेतृत्व और माओत्से तुंग की मुख्य स्थिति का स्थापित होना निर्णायक था। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे का रास्ता आसान नहीं होगा और पार्टी, सेना तथा जनता से बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा। चिनफिंग की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब आर्थिक सुस्ती बनी हुई है, वैश्विक उथल-पुथल बढ़ रही है और पश्चिमी ताकतों के साथ लगातार तनाव व्याप्त है। उनकी यह चेतावनी पार्टी की केंद्रीय समिति के पूर्ण सत्र से पहले आई है, जो 26 से 29 अक्टूबर तक बीजिंग में आयोजित होने वाला है।

कोई टिप्पणी नहीं: