पटना : मोदी पर टिप्पणी दर्शाती है कि खरगे की ‘मानसिक स्थिति ठीक नहीं’ : ललन सिंह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

पटना : मोदी पर टिप्पणी दर्शाती है कि खरगे की ‘मानसिक स्थिति ठीक नहीं’ : ललन सिंह

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पटना । केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आलोचना करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि विपक्षी नेता ने बार-बार राजनीतिक मर्यादा की सभी सीमाएं लांघी हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष की ‘‘मानसिक स्थिति ठीक नहीं है’’। खरगे ने रविवार को ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा’’ टिप्पणी करके सियासी विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने यह टिप्पणी एक व्यक्ति के उस दावे के जवाब में कही थी, जिसमें उसने कहा था कि प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे। खरगे ने कथित विवादित बयान पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया था। सिंह ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में सवाल उठाया कि इतने वरिष्ठ राजनीतिक पद पर बैठा कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकता है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष ने बार-बार मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं; उन्होंने कोई ऐसी सीमा नहीं छोड़ी जिसे उन्होंने पार न किया हो।’’ सिंह ने कहा, ‘‘इसके केवल दो ही कारण हो सकते हैं: या तो उम्र का असर उन पर हो रहा है, या फिर वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? ऐसी बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती।’’


जदयू नेता ने 1974 के आंदोलन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ हुए राजनीतिक विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों ने उनकी सरकार के खिलाफ लड़ाई तो लड़ी, लेकिन उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने से परहेज किया। उन्होंने सवाल किया, ‘‘कांग्रेस के नेता भी इस देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। 1974 के आंदोलन के दौरान, लोगों ने इंदिरा गांधी के शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, लेकिन किसी ने भी उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। इन लोगों को क्या हो गया है?’’ सिंह ने मोदी पर बार-बार हमले करने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की और दरभंगा में संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के खिलाफ एक रैली के दौरान मोदी की मां के लिए कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने राजनीतिक चर्चाओं के मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का विरोध करना उचित है, लेकिन ऐसा बुनियादी शिष्टाचार की कीमत पर नहीं होना चाहिए। जदयू नेता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष भाषा के चयन में राहुल गांधी का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी एक-दूसरे के पूरक हैं। शायद पार्टी को लगा कि राहुल गांधी एक बहुत बड़े नेता बन गए हैं, और चूंकि वह ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए पार्टी को भी ऐसा ही करना चाहिए। इनमें आत्म-संयम नाम की कोई चीज ही नहीं है।’’ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की।

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