उन्हें इस बात की ज्यादा तकलीफ थी कि सांसद (हर्ष मल्होत्रा), विधायक(रविन्द्र नेगी) और निगम पार्षद (सरला चौधरी) तक सभी एक पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) से होने के बावजूद गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। जल बोर्ड से उन्होंने शिकायत की लेकिन कोई अधिकारी या कर्मचारी निरीक्षण के लिए नहीं आया लेकिन जल बोर्ड के पोर्टल पर नजर आ रहा है कि उनकी शिकायत का निपटान कर दिया गया है। गंदे पानी की आपूर्ति और निश्चित समय नहीं होने की शिकायत करते हुए विनोद नगर की ही एक अन्य निवासी ने बताया कि उनके आठ लोगों के परिवार में रोजाना पानी की बोतल खरीदना उनके बस की बात नहीं है इसलिए जब वह पानी नहीं भर पाती हैं तो उन्हें डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर प्याऊं से पानी भरना पड़ता है। दिल्ली जल बोर्ड में क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी (जेडआरओ) स्तर के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में समस्या को स्वीकार करते हुए कहा,‘‘दरअसल जो पानी की लाइन है वह काफी पुरानी हो चुकी है और सीवर की लाइन उससे सटी होने की वजह से इनमें गंदा पानी मिल जाता है जिस कारण घरों में गंदा पानी आता है।” उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या को दूर करने की पुरजोर कोशिश कर रही है। अधिकारी ने बताया की यह समस्या पॉश कॉलोनियों में थोड़ी कम है लेकिन कच्ची कॉलोनियों या फिर अनाधिकृत कॉलोनियों में गंदे पानी की समस्या अधिक है। उन्होंने बताया पिछले पांच-छह महीनों से सीवर और पानी की लाइनों को अलग-अलग करने का काम शुरू हो चुका है, निविदाएं जारी की जा चुकी हैं और करीब एक साल में काम पूरा कर लिया जाएगा तथा गंदे पानी की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।
पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन के डी ब्लॉक में रहने वाली हेमा कुमारी ने बताया कि कभी-कभी साफ पानी आता है लेकिन बीच-बीच में सीवर की बदबू वाला पानी उसमें मिल जाता है, जिससे टंकी में भरा सारा पानी गंदा हो जाता है। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि नल से गंदा पानी आने के कारण उन्हें सबमर्सिबल पंप लगवाना पड़ा लेकिन क्षेत्र में भूजल बहुत ज्यादा खारा है और जल का टोटल डिजॉल्व सॉलिड (टीडीएस) 3000 के आस-पास है। टीडीएस का मतलब पानी में घुले खनिज, धातु और अन्य पदार्थ से है। उत्तम नगर के ओम विहार एक्सटेंशन में किराये पर रहने वाले एक पेशेवर ने बताया, “पिछले पांच-छह दिन से सबमर्सिबल पंप से बदबू वाला पानी आ रहा है। पानी में बदबू इतनी है कि उससे नहाया तक नहीं जा सकता।” लोगों को यह सुविधा उपलब्ध है कि वे गंदे पानी की शिकायत दिल्ली जल बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल, ‘एलजी लिसनिंग’ और सीएम जन सुनवाई पोर्टल पर कर सकते हैं। लेकिन पूर्वी दिल्ली में रहने वाली एक युवती ने बताया कि शिकायत करने के बाद दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी कई बार निरीक्षण करने आए लेकिन गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या अभी भी कायम है और लोग महीनों से परेशान हैं। इस संबंध में जल मंत्री प्रवेश वर्मा से कई प्रयासों के बावजूद संपर्क नहीं हो सका।

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