इसमें कहा गया, “उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए, सभी क्षेत्रीय रेलवे को सलाह दी जाती है कि वे सभी संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोबाइल चार्जिंग पॉइंट रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक हमेशा बंद रहें।” पत्र में यह भी कहा गया कि इस मामले में कोई अपवाद नहीं होना चाहिए। बोर्ड ने सभी जोन को यह भी निर्देश दिया है कि वे संबंधित कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दें, ताकि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन और अनुपालन सुनिश्चित हो सके। पत्र में कहा गया है, “इसके अलावा, इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों और पर्यवेक्षकों, दोनों स्तरों पर औचक निरीक्षण किए जाने चाहिए।” जून 2014 में, दक्षिण पश्चिम रेलवे जोन के बेंगलुरु मंडल में ‘हज़ूर साहिब नांदेड़-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस’ के एक वातानुकूलित थ्री-टियर कोच में 2013 में लगी आग की घटना के बाद, रेलवे बोर्ड ने ‘रेलवे सुरक्षा आयुक्त’ (सीआरएस) की सिफारिश पर पहली बार ट्रेनों में लगे इलेक्ट्रिकल सॉकेट पॉइंट्स को बंद करने का फैसला किया।
नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने अपने सभी जोनों से 2014 के उस आदेश का पालन करने को कहा है जिसके तहत, आग से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोचों में मौजूद सभी मोबाइल फोन और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट को रात 11 बजे से सुबह पांच बजे के बीच बंद रखने का निर्देश दिया गया है। बोर्ड ने 26 अक्टूबर की तारीख वाले अपने पत्र में कहा, “हाल ही में, एसईआर (दक्षिण पूर्व रेलवे) में एक घटना सामने आई है, जिसमें ट्रेन के कर्मचारियों ने निर्धारित समय के दौरान मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए। इसके बाद, चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फट गया और उसमें से धुआं निकलने लगा।”

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें