सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि समय की कमी के कारण कई लोग आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। उन्होंने समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता उन लोगों की पहचान कर सकते हैं, जिनके नाम छूट गए हैं और उनके मामले निर्वाचन आयोग के संज्ञान में ला सकते हैं। जब वकील ने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी होनी है और इसकी समयसीमा बढ़ाई जा सकती है, तो प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि समयसीमा बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रक्रिया अभी जारी है। निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी. एस. नायडू ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और प्रभावित लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए अब भी संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केरलम में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समयसीमा बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा कि इसकी जरूरत नहीं है, क्योंकि मतदाता विवरण में सुधार कराने और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को उन लोगों का विवरण सौंपने की अनुमति दी, जो निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं कर सके। निर्वाचन आयोग ने ऐसे अभ्यावेदनों पर विचार करने और अदालत को रिपोर्ट सौंपने पर सहमति जताई है।

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