नई दिल्ली। 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने बुधवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार से मुलाकात की, जिस दौरान उन्होंने एसआईआर को रद्द करने और राष्ट्रीय राजधानी की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 47.56 लाख लोगों के नाम पुनः जोड़ने की मांग की। विपक्षी दलों द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, कश्मीरी गेट से दिल्ली निर्वाचन कार्यालय तक मार्च निकालने के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भाकपा (माले), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) और तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ अशोक कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। एसआईआर के दौरान तैयार की गई मसौदा सूची से 47 लाख से अधिक नाम बाहर कर दिए गए हैं, जबकि रिकॉर्ड में "विसंगतियां" होने के कारण 33 लाख से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। बयान में कहा गया है कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने नोटिस वापस लेने और उन सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बहाल करने की मांग की है जिनके नाम हटा दिए गए हैं। राजनीतिक दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की और आरोप लगाया कि जिस तरह से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया की गई, उसने निर्वाचन आयोग के कामकाज और उसकी पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने मुलाकात की
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