नई दिल्ली। भाजपा ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि सड़कों पर उनका आचरण यह साबित करता है कि जनाधार खो चुकी पार्टी के पास “मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए अराजकता का सहारा लेना” ही एकमात्र रास्ता बचा है। राहुल और प्रियंका द्वारा लगातार दूसरे दिन विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किए जाने की आलोचना करते हुए भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग मंगलवार को उनसे मिलने के लिए तैयार था, लेकिन वे इसके लिए सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि गांधी भाई-बहन “संवैधानिक अधिकार” के बजाय अपने “खानदानी अधिकार” का इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “संविधान में प्रावधान है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी), प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) या नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को संसद में आने के लिए भी नहीं कहा जा सकता। लेकिन वे चाहते हैं कि सीईसी उनकी पार्टी के सांसदों के सामने उपस्थित हों।” त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के प्रथम परिवार ने आज दिल्ली की सड़कों पर जो कुछ भी किया, वह बेहद “दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय” है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने कहा, “अपने व्यवहार से कांग्रेस के प्रथम परिवार ने यह स्पष्ट कर दिया कि मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए अराजकता का सहारा लेना ही जनाधार खो चुकी ‘दिमागी नक्सल’ कांग्रेस के पास बचा एकमात्र रास्ता है।” भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया और कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘रील बनाने की जल्दबाजी में राहुल गांधी ने एक महिला पुलिसकर्मी को धक्का देने की कोशिश की।’’
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
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दिल्ली : मीडिया का ध्यान खींचने के लिए राहुल-प्रियंका अराजकता का सहारा ले रहे : सुधांशु त्रिवेदी
दिल्ली : मीडिया का ध्यान खींचने के लिए राहुल-प्रियंका अराजकता का सहारा ले रहे : सुधांशु त्रिवेदी
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