दिल्ली : रीजीजू ने चीन के बारे में 'फर्जी एआई वीडियो' का प्रसार करने के लिए कांग्रेस से माफी की मांग की - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

दिल्ली : रीजीजू ने चीन के बारे में 'फर्जी एआई वीडियो' का प्रसार करने के लिए कांग्रेस से माफी की मांग की

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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस पर देश के खिलाफ ‘‘दुश्मन के दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार’’ का खुलकर समर्थन करने का मंगलवार को आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दल द्वारा चीन से जुड़े एक ‘‘फर्जी एआई वीडियो’’ का प्रसार किया जाना ‘‘विश्वासघाती कृत्य’’ और ‘‘दुश्मनों के घिनौने कामों’’ के समान है। कथित तौर पर एक ‘‘फर्जी एआई वीडियो’’ फैलाये जाने को लेकर रीजीजू ने कांग्रेस से माफी की भी मांग की। वीडियो में, सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर दावा किया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने बिहार के एक कांग्रेस नेता द्वारा 'एक्स' पर वीडियो पोस्ट किए जाने को ‘‘विश्वासघाती कृत्य’’ करार दिया। केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस भारत के दुश्मनों की ओर से एक घटिया अभियान चला रही है। रीजीजू ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय सेना की छवि खराब करने के लिए फर्जी एआई वीडियो का प्रसार करने को लेकर कांग्रेस पार्टी को देश से माफी मांगनी चाहिए। यह एक विश्वासघाती कृत्य है और हमारे दुश्मनों के घिनौने कामों के बराबर है। कांग्रेस पार्टी भारत के दुश्मनों का घटिया अभियान चला रही है।’ उन्होंने मंगलवार को एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस में इतनी हिम्मत है कि वह देश के खिलाफ दुश्मन के दुष्प्रचार का खुलेआम समर्थन करे, और फिर देश से माफी भी न मांगे?’’


'एक्स' पर भारतीय सेना के ‘इंडियन आर्मी फैक्ट चेक' हैंडल ने भी इस वीडियो को ‘‘मनगढ़ंत’’ बताते हुए खारिज कर दिया। इस हैंडल से किये गए पोस्ट में कहा गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के नाम से ‘‘मनगढ़ंत टिप्पणियां’’ जोड़कर ‘‘डिजिटल रूप से परिवर्तित वीडियो’’ का प्रसार किया जा रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में असाफिला, लोंगजू और तक्सिंग सर्कल पर कब्ज़ा कर लिया है तथा भारतीय सेना को जरूरी आपूर्ति रोक दी गई है। भारतीय सेना के 'फैक्ट चेक' हैंडल से किये गए पोस्ट के अनुसार, ‘‘यह भ्रामक वीडियो मनगढ़ंत बयानों को भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लीक की गई स्वीकारोक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘इस वीडियो में मनगढ़ंत बातों का इस्तेमाल करके लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के झूठे बयान जोड़े गए हैं। असल फुटेज 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में, 28 इन्फैंट्री डिवीजन के तत्कालीन जीओसी, मेजर जनरल गिरीश कालिया द्वारा दी गई एक प्रेस ब्रीफिंग की है... उन्होंने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के नियंत्रण या भारतीय सेना को आपूर्ति रोके जाने के बारे में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।’’ पिछले हफ्ते, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव की घटनाएं हो रही हैं, जिससे विवाद पैदा हो रहा है।

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