भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठा और भ्रामक प्रचार कर रहा है। संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग को एसआईआर कराने का अधिकार है और यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 से अब तक आठ बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें से सात बार कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में यह प्रक्रिया पूरी की गई। जायसवाल ने कहा कि बिहार में एसआईआर के दौरान 47 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। इनमें मृत, दूसरे स्थान पर जा चुके और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि एक साल में एक भी व्यक्ति सामने नहीं आया, जिसने यह कहा हो कि उसका नाम गलत तरीके से काटा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष 13 करोड़ नाम हटाए जाने का झूठा दुष्प्रचार कर रहा है। पश्चिम बंगाल का मुद्दा उठाते हुए जायसवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 के बाद तृणमूल कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी घुसपैठियों को बसाया गया और उनके फर्जी आधार तथा मतदाता पहचान पत्र बनवाए गए। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों के ज्यादातर पते दक्षिण 24 परगना जिले में पाए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर घुसपैठियों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करना जरूरी है। इस मौके पर भाजपा विधायक मनोज शर्मा ने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष संवैधानिक प्रक्रियाओं के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहा है।
पटना, 29 अक्टूबर (रजनीश के झा) । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध समुदाय के लोगों का देश है, लेकिन बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं का नहीं। उन्होंने कहा कि उनके वोट से देश नहीं चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदनशील होने के बजाय घुसपैठियों के प्रति संवेदनशील हो गया है। डॉ. जायसवाल पटना में ‘अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ विषय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद भी बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बाहर निकालेगी। उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव के परिणामों ने कांग्रेस के उन दावों की पोल खोल दी है, जिनमें वह मतदान पत्र के जरिये चुनाव कराने की मांग करती रही है। जायसवाल ने कहा कि मतदाता सूची का संशोधन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है। जायसवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।

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