- चार दशक का सैन्य अनुभव, पांच प्रमुख लड़ाकू विमानों पर दक्षता; जापान और दक्षिण कोरिया में भी निभा चुके हैं रक्षा अताशे की जिम्मेदारी
पांच प्रमुख लड़ाकू विमानों पर हासिल की दक्षता
एयर मार्शल वालिया की सैन्य विशेषज्ञता का महत्वपूर्ण पक्ष विभिन्न पीढ़ियों के लड़ाकू विमानों पर उनका अनुभव है। वह मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई के सभी संस्करणों पर योग्य हैं। इन विमानों पर उनकी दक्षता भारतीय वायुसेना के अलग-अलग दौर के लड़ाकू विमान बेड़े से उनके लंबे जुड़ाव को दर्शाती है। उनका अनुभव केवल विमान उड़ाने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक अग्रिम मोर्चे के लड़ाकू स्क्वाड्रन की कमान संभाली। इसके बाद टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (टीएसीडीई) का नेतृत्व किया। यह उनके करियर की महत्वपूर्ण कमान नियुक्तियों में शामिल रहा। वह एयर फोर्स स्टेशन बरेली के एयर ऑफिसर कमांडिंग भी रह चुके हैं।
निरीक्षण से लेकर पूर्वी वायु कमान तक जिम्मेदारी
अपने करियर में उन्होंने भारतीय वायुसेना के एयर स्टाफ इंस्पेक्शन निदेशालय (डीएएसआई) का नेतृत्व किया। इसके अलावा पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ एयर स्टाफ ऑफिसर के रूप में भी सेवाएं दीं। वर्तमान में वह इसी कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ हैं। उनकी इन नियुक्तियों में परिचालन कमान, सैन्य निरीक्षण, वायु युद्ध की रणनीति और वायुसेना के प्रशासनिक दायित्वों का व्यापक अनुभव समाहित है।
ब्रिटेन और बांग्लादेश में हासिल किया उच्च सैन्य प्रशिक्षण
एयर मार्शल वालिया ने अपने पेशेवर ज्ञान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार दिया है। उन्होंने ब्रिटेन में एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स तथा बांग्लादेश में नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके साथ ही उन्होंने जापान और दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इस भूमिका में उन्होंने दोनों देशों में भारत के रक्षा प्रतिनिधि के रूप में काम किया।
रक्षा अध्ययन में तीन स्नातकोत्तर डिग्रियां
सैन्य दक्षता के साथ शिक्षा और अध्ययन के प्रति भी उनकी विशेष रुचि है। पीआईबी की विज्ञप्ति के अनुसार, वह पढ़ने के शौकीन हैं और उनके पास रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में तीन स्नातकोत्तर डिग्रियां हैं। विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में वायु सेना पदक (वीएम) और वर्ष 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया। एक नवंबर से उप प्रमुख का पदभार संभालने के साथ एयर मार्शल वालिया भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में नई जिम्मेदारी निभाएंगे। उनका लगभग चार दशक का अनुभव, लड़ाकू विमानों पर दक्षता, विभिन्न कमान नियुक्तियां और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अनुभव उनके सैन्य करियर की प्रमुख उपलब्धियां हैं।

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