अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स को बढ़त, भारतीय-अमेरिकियों ने जीतीं अहम सीट - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 4 नवंबर 2026

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स को बढ़त, भारतीय-अमेरिकियों ने जीतीं अहम सीट

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अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के शुरुआती नतीजों में भारतीय मूल के अमेरिकी उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर अपनी-अपनी सीट बरकरार रखने में सफल रहे, जबकि पिया डांडिया ने जीत दर्ज करके इतिहास रच दिया। सुब्रमण्यम (40) मंगलवार को वर्जीनिया से एक बार फिर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य निर्वाचित हुए। वहीं, मिलर (61) मैरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद पर दोबारा काबिज होने में सफल रहीं। इसके अलावा, डांडिया (39) ने फ्लोरिडा के 22वें संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की। दूसरी ओर, ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी पीछे हैं। अमेरिका में हुए इन बेहद महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव को शुरुआती सर्वेक्षणों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति जनता की नाराजगी और बदलाव की इच्छा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अन्य भारतीय मूल के अमेरिकी उम्मीदवारों के चुनावी नतीजों का इंतजार है और मतगणना जारी है। वेस्ट वर्जीनिया से रिपब्लिकन उम्मीदवार शेली कैपिटो और मिसौरी के प्रथम संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार वेस्ली बेल ने फिर से चुनाव जीत लिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने नॉर्थ कैरोलिना में सीनेट की एक सीट रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली है। पार्टी ने मंगलवार को जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में भी जीत हासिल की। उत्तर कैरोलिना के पूर्व गर्वनर रॉय कूपर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल वाटली को हराया। मंगलवार को स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे अमेरिका में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीट, सीनेट की 37 सीट, 36 प्रांतों गर्वनर पदों और कई स्थानीय निकायों के लिए मतदान हुआ। सीएनएन के शुरुआती सर्वेक्षण के अनुसार, मतदाता देश की मौजूदा स्थिति, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के कामकाज से असंतुष्ट नजर आए।


मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के कतारों में खड़े होने के बीच ट्रंप पूरे दिन ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अपने सलाहकारों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने मंगलवार दोपहर ‘एक्स’ पर कई संदेश साझा करके रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया। प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफरीस ने चुनाव प्रचार कर रहे कार्यकर्ताओं को वाशिंगटन में फोन के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी बदलाव के मुहाने पर खड़ी है और निचले सदन में फिर से बहुमत हासिल करने जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी संसद देने जा रहे हैं जो वास्तव में अमेरिकी जनता के हितों को प्राथमिकता देगी।’’ मतदान के दिन ट्रंप ने इजराइल को दी जाने वाली चार अरब डॉलर की सहायता अगले वर्ष से बंद करने की अचानक घोषणा करके सबको चौंका दिया। डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने इसे डेमोक्रेटिक पार्टी की लहर को रोकने की एक हताश कोशिश करार दिया। इन चुनावों से तय होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बरकरार रख पाती है या डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट नहीं तो कम से कम प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करके ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में उनके फैसलों पर अंकुश लगाती है। भारत के केरलम में जन्मी डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार नित्या रमन लॉस एंजिलिस के मेयर पद के चुनाव में अपनी पूर्व बॉस करेन बास को कड़ी चुनौती दे रही हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना, अमी बेरा और प्रमिला जयपाल भी दोबारा चुनाव मैदान में हैं, जबकि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमिष शाह पहली बार प्रतिनिधि सभा में पहुंचने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। यदि चुनाव पूर्व अनुमान सही साबित होते हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिकी संसद पर नियंत्रण हासिल कर लेती है, तो ट्रंप प्रशासन के कामकाज पर कड़ी संसदीय निगरानी संभव हो सकेगी। इससे राष्ट्रपति के नीतिगत एजेंडे को झटका लग सकता है। हालांकि, अगले दो वर्षों तक उनके पास कार्यकारी आदेशों के जरिए शासन करने का अधिकार बना रहेगा।

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