पटना : स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में फैटी लिवर एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 2 नवंबर 2026

पटना : स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में फैटी लिवर एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

  • ‘स्वस्थ लिवर–स्वस्थ बिहार’ अभियान के तहत 18 महीनों में 26 लाख लोगों की होगी स्वास्थ्य जांच

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पटना, 02 नवंबर (रजनीश के झा) : स्वास्थ्य विभाग के सभागार में सोमवार को माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत एवं स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिहार में फैटी लिवर की बढ़ती समस्या और गैर-संचारी रोगों (NCDs) की रोकथाम के लिए तैयार किए गए ‘स्वस्थ लिवर–स्वस्थ बिहार’ कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (Institute of Liver and Biliary Sciences – ILBS), नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से राज्य के सभी 38 जिलों में फैटी लिवर की जांच एवं रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में बैठक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े संस्थान के निदेशक सह चांसलर डॉ. एस.के. सरीन के साथ विस्तृत चर्चा की गई। अभियान के तहत आगामी 18 महीनों में राज्य के 30 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 26 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य फैटी लिवर की समय पर पहचान, रोकथाम तथा जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है।


इस कार्यक्रम को राज्य में पहले से संचालित गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जोड़कर लागू किया जाएगा, ताकि लोगों को उनके घर के नजदीक ही जांच और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और जीविका दीदियों की सहायता ली जाएगी। इनके माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके तहत 150 मास्टर ट्रेनरों सहित लगभग 25 हजार स्वास्थ्यकर्मियों, डॉक्टरों, नर्सों और लैब तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने की योजना है। इससे जमीनी स्तर पर फैटी लिवर की समय पर पहचान, जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की व्यवस्था की जाएगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारी, प्रमंडल स्तर पर प्रमंडलीय आयुक्त और राज्य स्तर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके। बैठक के दौरान माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान को पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि फैटी लिवर की समय पर पहचान और रोकथाम से मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी, माननीय स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव श्री कौशलेंद्र कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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