दिल्ली : अमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने संस्थागत संतुलन बहाल किया, भारत में 2014 से यह बिगड़ा है : कांग्रेस - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 5 नवंबर 2026

दिल्ली : अमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने संस्थागत संतुलन बहाल किया, भारत में 2014 से यह बिगड़ा है : कांग्रेस

congress-on-usa-result
नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने उस संस्थागत संतुलन को बहाल किया है, जो गणतांत्रिक लोकतंत्र के मूल में है और भारत में 2014 से यह खतरनाक ढंग से बिगड़ा हुआ है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन चुनावों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निर्णायक रूप से खारिज कर दिया है। उनका कहना है, ‘‘व्यक्तियों से इतर, इन नतीजों से सरकारों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मध्यावधि चुनावों की ताकत प्रदर्शित होती है।’’  कांग्रेस महासचिव ने केंद्र सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की पहल पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जिस विचार की वकालत कर रही है, उससे जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले इस लोकतांत्रिक माध्यम की प्रभावशीलता काफी कम हो जाएगी। रमेश ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों ने संस्थागत संतुलन को बहाल किया है, जो गणतांत्रिक लोकतंत्र के मूल में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में 2014 से यह संतुलन ‘‘खतरनाक ढंग से बिगाड़ दिया गया है।’’

कोई टिप्पणी नहीं: