दिल्ली : CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर सहमति - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 5 नवंबर 2026

दिल्ली : CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर सहमति

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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील (आपराधिक) अमोल सिन्हा ने एक अदालत के न्यायिक अधिकारी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी अधिवक्ता कौशिक चटर्जी के एक अनुरोध पर दी गई, जिन्होंने 14 अक्टूबर को पत्र और 28 अक्टूबर को पूरक अनुरोध भेजकर सिंह के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी। 


सिन्हा ने दो नवंबर को लिखे पत्र में अदालत की अवमानना अधिनियम की धारा 15(2) के तहत सिंह के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए उचित कदम उठाने की सहमति दी। यह मामला सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिंह की उन पोस्ट से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर उन्हें हिरासत में लिए जाने से संबंधित कार्यवाही को लेकर साकेत अदालत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव पांडेय के आदेश पर असंतोष जताया था। सिन्हा ने कहा कि ये पोस्ट न्यायिक आदेश की आलोचना से आगे बढ़कर प्रथम दृष्टया यह संकेत देती हैं कि मजिस्ट्रेट किसी बाहरी प्राधिकारी के निर्देश पर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता एवं निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं तथा न्याय प्रशासन में जनता के विश्वास को कमजोर कर सकते हैं। सिन्हा ने दिल्ली पुलिस और विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रणाली के कामकाज को लेकर सिंह के बाद के बयानों पर भी विचार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों की कड़ी आलोचना होने के आधार पर इन बयानों को आपराधिक अवमानना नहीं माना जा सकता।

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