सिंह ने पोस्ट में कहा, ‘‘सीआरपीएफ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि। बल ने 12 माह किसी भी अभियान में अपने जवान को नहीं खोया। बल ने अंतिम बार 30 अक्टूबर 2025 में अभियान के दौरान अपने जवान को खोया था। 47 साल बाद ऐसा हुआ है। इससे पहले जनवरी 1979 में बल ने ऐसी अवधि पूरी की थी।’’ अधिकारियों ने बताया कि 2025 में 30 अक्टूबर तक अभियान संबंधी कार्यों के दौरान सीआरपीएफ के नौ जवानों को खोया था। करीब 3.25 लाख कर्मियों वाला सीआरपीएफ देशभर में विभिन्न आंतरिक सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाता है। बल की तैनाती के तीन प्रमुख अभियान क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान और पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद विरोधी अभियान शामिल हैं। बल की स्थापना 1939 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। आजादी के दो साल बाद 1949 में इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर दिया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक बल के 2,270 जवान और अधिकारी कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं।
नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले 12 माह में अभियान के दौरान अपने किसी भी जवान को नहीं खोया है। बल के महानिदेशक जी पी सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 47 साल बाद ऐसा हुआ है। सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि को बल के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने रविवार को कहा कि यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि बल देश के सभी प्रमुख अभियान क्षेत्रों में लगातार और व्यापक स्तर पर तैनात है।

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