दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी हताश और परेशान, 'झोला उठाने' का समय करीब : जयराम रमेश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 8 नवंबर 2026

दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी हताश और परेशान, 'झोला उठाने' का समय करीब : जयराम रमेश

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नयी दिल्ली, आठ नवंबर । कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'दिमागी नक्सली' बयान को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि वह स्पष्ट रूप से हताश और परेशान हैं तथा अब उनके ''झोला उठाने का'' का समय करीब आ रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर दिवाली के दिन भी अपने चिरपरिचित अंदाज में अनर्गल भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर 'दिमागी नक्सली' शब्द का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक गंभीर और गैर-राजनीतिक अवसर पर सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि 28 अप्रैल 2024 को प्रधानमंत्री ने जाति जनगणना की मांग करने वालों को 'शहरी नक्सली' बताया था, लेकिन बाद में 30 अप्रैल 2025 को उन्होंने घोषणा की कि जनगणना 2027 के तहत जाति जनगणना कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सितंबर 2020 में प्रधानमंत्री मोदी ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वालों को नक्सलीी विचारधारा का समर्थक बताया था, लेकिन 19 नवंबर 2021 को उन्हीं कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी। रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी स्पष्ट रूप से हताश, परेशान और बेचैन हैं। कांग्रेस महासचिव ने तंज कसते हुए कहा कि अब उनके ''झोला उठाकर जाने'' का समय तेजी से करीब आ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो गया है, लेकिन नक्सलीवाद का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'दिमागी नक्सलीी' राजनीतिक दलों सहित कई संगठनों में घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं। छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के करनपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर में सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली मनाते हुए मोदी ने कहा, ''हमें ऐसे तत्वों की पहचान करके उन्हें हराना होगा और देश को सुरक्षित रखना होगा।''

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