दिल्ली : केरलम ने देश को महिला-नेतृत्व वाले विकास का रास्ता दिखाया : मेघवाल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 1 नवंबर 2026

दिल्ली : केरलम ने देश को महिला-नेतृत्व वाले विकास का रास्ता दिखाया : मेघवाल

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नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री अर्जुम राम मेघवाल ने रविवार को कहा कि केरलम के लोगों ने देश को महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का रास्ता दिखाया। विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री मेघवाल कोच्चि में केरल उच्च न्यायालय के कौस्तुभ जयंती (प्लेटिनम जुबली) समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के 70 साल पूरे होने का जश्न मना रहे केरल उच्च न्यायालय का सफर “दिलचस्प” रहा है, क्योंकि इसने महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के सिद्धांत दिए हैं। 


मेघवाल ने कहा कि भारत में किसी उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश अन्ना चांडी और उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश एम. फातिमा बीवी ने दिखाया कि सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं का सशक्तीकरण एक मुख्य सिद्धांत है। उन्होंने कहा, “केरलम के लोगों ने देश को महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का रास्ता दिखाया है।” इस मौके पर केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन ने बताया कि किस तरह इस संस्था का इतिहास उन लोगों की अभूतपूर्व उपलब्धियों में झलकता है, जिन्होंने न्यायपालिका में लैंगिक और प्रतिनिधित्व संबंधी बाधाओं को तोड़ा। न्यायमूर्ति सेन ने कहा, “न्यायमूर्ति अन्ना चांडी भारत के किसी उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश बनीं। उनकी यह उपलब्धि न्याय प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी के इतिहास में एक मील का पत्थर थी। न्यायमूर्ति एम. फातिमा बीवी ने इस ऐतिहासिक सफर को और आगे बढ़ाया, जो 1989 में उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश बनीं।” उन्होंने कहा, “न्यायमूर्ति बीवी का करियर पेशेवर उत्कृष्टता, दृढ़ संकल्प और इस सिद्धांत का एक स्थायी प्रमाण है कि न्यायिक संस्थानों में लैंगिक भेदभाव किए बिना, प्रतिभा और योग्यता के लिए हमेशा जगह होनी चाहिए।”

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