- फोर्ब्स सूची में दुनिया के शीर्ष गेनर बने
शेयरों में यह तेजी रिलायंस के सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद देखी गई. कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (consolidated net profit) सालाना आधार पर 40.6 प्रतिशत बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये हो गया, जो विश्लेषकों के अनुमान से काफी अधिक था. मजबूत रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल मार्जिन के साथ-साथ टेलीकॉम व्यवसाय 'जियो' की बेहतर लाभप्रदता ने इस आय वृद्धि को गति दी. तिमाही के दौरान कंपनी की रिफाइनिंग कोर अर्निंग्स में 68 प्रतिशत का उछाल आया, जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स की कोर अर्निंग्स 16.6 प्रतिशत बढ़ीं. इन परिणामों ने रिलायंस के दो मुख्य आय स्रोतों - ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल सेवाओं में निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है, भले ही इसके रिटेल व्यवसाय की लाभप्रदता दबाव में रही हो. फोर्ब्स के अनुसार, मुकेश अंबानी 125 अरब डॉलर के राजस्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का संचालन करते हैं, जिसके हित पेट्रोकेमिकल्स, तेल और गैस, टेलीकॉम, रिटेल, मीडिया और वित्तीय सेवाओं में फैले हैं.
रिलायंस की स्थापना 1966 में उनके दिवंगत पिता धीरूमल (धीरूभाई) अंबानी ने एक छोटे कपड़ा निर्माता के रूप में की थी. 2002 में उनके पिता के निधन के बाद, मुकेश और उनके छोटे भाई अनिल ने पारिवारिक साम्राज्य का बंटवारा कर लिया. रिलायंस की टेलीकॉम और ब्रॉडबैंड सेवा 'जियो प्लेटफॉर्म्स' अक्टूबर 2026 में सूचीबद्ध हुई और उसने 137 अरब डॉलर का मार्केट कैप हासिल किया, जिससे यह अपनी मूल कंपनी के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई. साल 2023 में मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे रिलायंस के बोर्ड में शामिल हुए. उनके बेटे आकाश जियो की कमान संभालते हैं, बेटी ईशा रिटेल और वित्तीय सेवाओं की देखरेख करती हैं, और छोटे बेटे अनंत ऊर्जा व्यवसाय में हैं. इसके अलावा, 2026 में अंबानी ने अगले सात वर्षों में देश भर में निर्मित किए जाने वाले एआई (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में 110 अरब डॉलर के निवेश की योजना की घोषणा की.

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