दिल्ली : 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' राजनीतिक नहीं निजी अनुभवों पर आधारित पुस्तक : सोनिया गांधी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 8 नवंबर 2026

दिल्ली : 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' राजनीतिक नहीं निजी अनुभवों पर आधारित पुस्तक : सोनिया गांधी

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नयी दिल्ली, आठ नवंबर (भाषा) कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि उनकी पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी अनुभवों पर आधारित है। सोनिया ने यह भी कहा कि लंबे समय तक उन्होंने अपनी निजी दुनिया को अपने तक सीमित रखा, लेकिन सार्वजनिक जीवन की रोजमर्रा की हलचल से दूर होने के बाद ही वह अपनी जीवन यात्रा को स्पष्ट रूप से देख सकीं। अंग्रेजी दैनिक 'द हिंदू' में पुस्तक से संबंधित लिखे एक लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि उनके जीवन की कहानी का सबसे अहम सूत्र प्रेम और उससे पैदा होने वाली निष्ठा रहा है। इसकी शुरुआत इंग्लैंड में हुई, जहां इटली के एक छोटे से कस्बे की 19 वर्षीय युवती की मुलाकात एक युवा भारतीय छात्र (राजीव गांधी) से हुई। इस रिश्ते ने उन्हें एक नए देश और परिवार से जोड़ा। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि भारत आने के बाद उनका अपनी सास इंदिरा गांधी के साथ गहरा रिश्ता बना और बच्चों के पालन-पोषण के वर्षों में परिवार उनके जीवन का केंद्र रहा। हालांकि, इसी जीवन में उन्हें असहनीय दुखों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने पहले अपनी सास और फिर अपने पति को हिंसा में खो दिया। सोनिया गांधी ने लिखा, ''इन मुश्किलों के बावजूद उनके पति और भारत के प्रति प्रेम ने उन्हें संबल दिया। भारत वह देश है, जहां उन्हें लगा कि वह वास्तव में अपनी हैं। इसी भावना के साथ कर्तव्यबोध ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित किया, जबकि यह उनकी स्वाभाविक इच्छा के विपरीत था।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पुस्तक राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है। उनके मुताबिक, उनके परिवार के बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन अक्सर उनके व्यक्तित्व, प्रेरणाओं, संघर्षों और मानवीय कमजोरियों को वास्तविक रूप में समझने का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने पुस्तक में अपने परिवार के सदस्यों को उसी रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है, जिस रूप में उन्होंने उन्हें जाना और उनसे प्रेम किया। सोनिया गांधी ने कहा कि वह भारत में पांच दशक से अधिक समय तक रही हैं और इस दौरान उन्होंने देश को बदलते हुए देखा है। शुरुआत में उन्होंने यह बदलाव हाशिये से देखा, जबकि बाद के वर्षों में वह देश की राजनीतिक और सार्वजनिक गतिविधियों के केंद्र में रहीं। उन्होंने कहा कि पुस्तक भारत की इसी परिवर्तन यात्रा और देश के साथ उनके जुड़ाव का व्यक्तिगत वृत्तांत है, जिसे उन्होंने अपना घर माना। 

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