जैतापुर (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र में जैतापुर परमाणु बिजली संयंत्र का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोली से एक व्यक्ति की मौत के अगले दिन मंगलवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने रत्नागिरी में सड़क जाम किया और ट्रकों व बसों में आग लगा दी। सरकार ने गोलीबारी की जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन कहा है कि संयंत्र की स्थापना होकर रहेगी।
जैतापुर में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के मुद्दे पर मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा में चर्चा हुई। राज्य के गृहमंत्री आर. आर. पाटील ने घोषणा की कि घटना की जांच न्यायिक दंडाधिकारी से कराई जाएगी। विधानसभा में इससे पहले विपक्षी सदस्यों ने गोलीबारी की घटना की न्यायिक जांच की मांग की। विपक्ष के नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग की। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मंगलवार को शिवसेना पर जैतापुर परमाणु बिजली परियोजना को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
रमेश ने संवादाताओं से कहा, "उनके पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे जैतापुर पर राजनीति कर रहे हैं। मैंने परमाणु बिजली संयंत्र की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। परमाणु ऊर्जा बोर्ड इस मामले की जांच कर रहा है।"

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Ye poolish wale jindagi ki kimat samajhte hi nahi hai. Na to iske prati sarkar jimmedar hai aur na hi unke parokar.
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