कविता : क्यों नहीं है मुझे आजादी? - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 20 जनवरी 2025

कविता : क्यों नहीं है मुझे आजादी?

मैं भी तो एक लड़की हूं,

क्यों नहीं मिलती हमें आज़ादी,

मैं भी तो आगे बढ़ सकती हूं,

दुनिया में नाम रौशन कर सकती हूं,

जैसे लड़के होते हैं वैसी मैं भी हूँ,

मैं भी लड़कों के बराबर हूं,

फिर क्यों होता मुझपर अत्याचार?

क्यों ऐसे होते हैं समाज के विचार?

मैं भी हर कर्तव्य निभाने को हूं तैयार,

लड़की हूं तो कमज़ोर मत समझो,

संसार में मुझे बेचारी मत समझो,

विकास में हमारी भी है साझेदारी,

फिर क्यों नहीं मिलती हमें आज़ादी॥



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करीना

भागदानू, उत्तराखंड

चरखा फीचर्स

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