खुलकर जीने का अपना हक़ चाहते हैं,
अपने पैरों पर खड़े होकर दुनिया देखना है,
भेदभाव छोड़कर मिल-जुलकर रहना है,
अपनी मर्ज़ी से जीवन की राह चुननी है,
बंदिशों से परे नई दुनिया बुननी है,
सपनों को पंख देकर आगे बढ़ना है,
हमें अपनी आज़ादी के साथ जीना है।।
खुशबू
उत्तराखंड
टीम गांव की आवाज

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