सीहोर : भादो में भी जारी है कांवड़ यात्रा, अमावस्या तक चलेगा आस्था का क्रम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 9 सितंबर 2026

सीहोर : भादो में भी जारी है कांवड़ यात्रा, अमावस्या तक चलेगा आस्था का क्रम

  • सीवन नदी के तट से तेज धूप में कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे शिवभक्त, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा मार्ग

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सीहोर। सावन माह के समापन के बाद भी भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भादो माह में भी कुबेरेश्वरधाम पर कांवड़ यात्रा का क्रम निरंतर जारी है। बुधवार को तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में शिवभक्त सीवन नदी के तट से कांवड़ लेकर पैदल कुबेरेश्वरधाम पहुंचे। इस दौरान पूरा मार्ग श्री शिवाय नमस्तुभ्यं और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। धाम पहुंचने के बाद कांवड़ यात्रियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।


भगवान शिव का ध्यान और नाम जप निरंतर रहना चाहिए

जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव के ध्यान और नाम जप का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान शिव का ध्यान और प्रकृति का मौन हमें यह सिखाता है कि जीवन में चाहे कितनी भी उथल-पुथल क्यों न हो, मन को हमेशा शांत रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां निरंतर बदलती रहती हैं। कभी सुख आता है तो कभी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भगवान का स्मरण करने वाला व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मन को स्थिर रख सकता है। इसलिए भगवान शिव का नाम जप और ध्यान निरंतर करते रहना चाहिए। शिव भक्ति मन को शांति देने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।


महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से पहुंच रहे कांवड़ यात्री

भादो माह में भी महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। बुधवार को महाराष्ट्र से आए कांवड़ यात्रियों का विठलेश सेवा समिति की ओर से स्वागत-सम्मान किया गया। इस दौरान पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला और कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा सहित समिति से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कांवड़ यात्रियों ने सीवन नदी के पवित्र तट से जल लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए धाम की ओर प्रस्थान किया। तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। कई श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए तो कई शिव नाम का जप करते हुए कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सावन माह के बाद भादो में भी नियमित रूप से कांवड़ यात्रा जारी है। महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के कांवड़ यात्री भादो माह में भी भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए कांवड़ लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमावस्या तक कांवड़ यात्रा का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु सीवन नदी से जल लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का अभिषेक करेंगे।


धाम में प्रतिदिन पहुंच रहे श्रद्धालु

कुबेरेश्वरधाम पर कांवड़ यात्रा के साथ ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम भी लगातार बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने के साथ भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं। सावन माह के बाद भी धाम में शिवभक्ति का वातावरण बना हुआ है और सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दिखाई दे रही है। कांवड़ यात्रियों के पहुंचने पर धाम का वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष, शिव नाम के जप और भक्ति गीतों से भक्तिमय हो रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान शिव की भक्ति में मौसम और दूरी कोई बाधा नहीं है। आस्था के साथ उठाया गया प्रत्येक कदम उन्हें बाबा के और करीब होने का अहसास कराता है।


भक्ति के साथ सामाजिक सेवा का संदेश

कांवड़ यात्रा के दौरान विठलेश सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार और आवश्यक सेवा कार्य भी किए जा रहे हैं। कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और आपसी सद्भाव का माध्यम भी है। महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से आने वाले शिवभक्तों का स्वागत कर समिति द्वारा उन्हें अपनत्व का अनुभव कराया जा रहा है। भादो माह में जारी यह कांवड़ यात्रा अब अमावस्या तक जारी रहेगी, जिससे आने वाले दिनों में भी कुबेरेश्वरधाम में शिवभक्तों की आस्था और भक्ति का यह सिलसिला निरंतर बना रहने की उम्मीद है।

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