दिल्ली : TMC विवाद में न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से अंतिम फ़ैसले के लिए समयसीमा बताने को कहा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 24 सितंबर 2026

दिल्ली : TMC विवाद में न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से अंतिम फ़ैसले के लिए समयसीमा बताने को कहा

Tmc-dispute
नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के दो विरोधी गुटों के भीतर पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न ‘जोड़ा घास फूल’ को लेकर जारी विवाद में अंतिम निर्णय लेने संबंधी समयसीमा की जानकारी प्रदान करे। प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक लगाए जाने को चुनौती दी है। पीठ ने निर्वाचन आयोग की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू से कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर जारी विवाद पर अंतिम फैसला लेने की समयसीमा के बारे में जानकारी दें। 


न्यायालय ने बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित कर दी। बनर्जी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो, मैं इस चुनाव पर रोक लगाने की मांग नहीं कर सकता।’’ उन्होंने यह बात छह अक्टूबर को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में तब कही, जब न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सिब्बल ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह गलत है क्योंकि यह चुनाव प्रक्रिया के दौरान की गई, जिससे बनर्जी के पास रोक के आदेश को चुनौती देने का कोई उपाय नहीं बचा। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘शायद (निर्वाचन) आयोग को यह निर्देश देने की ज़रूरत है कि वे इस मामले की सुनवाई शुरू करें, कुछ समय तक रोज़ाना सुनवाई करें, जो भी सबूत या गवाही पेश करनी हो, उसे लें और इस पर फ़ैसला करें।’’ शीर्ष अदालत 21 सितंबर को बनर्जी की याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गई थी। निर्वाचन आयोग ने ‘अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम का इस्तेमाल करने से दोनों गुटों को रोकते हुए उन्हें अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए थे। साथ ही, विवाद पर अंतिम फ़ैसला होने तक उनके चुनाव चिह्न को ‘निलंबित’ रख लिया था।

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