- जिलाधिकारी के सतत अनुश्रवण तथा डाँक्टर स्वास्थयकर्मी की सक्रियता एवं तत्परता का दिखा असर
- स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने तथा मरीजों को सरकारी अस्पतालों में सहज, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराने मे तेजी लाने का निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर जिलाधिकारी द्वारा स्वयं भी अस्पतालों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति मे निरंतर सुधार लाया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा इन बैठकों एवं निरीक्षणों के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सकीय सेवाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी सतत अनुश्रवण एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों तथा कर्मियों की सक्रियता का सकारात्मक परिणाम एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान में भी सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी 18 सितंबर की राज्य स्तरीय रैंकिंग में मधुबनी जिला ने एनसीडी स्क्रीनिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है कि सरकार के निर्देश के तहत 2 सितंबर से 30 नवंबर तक जिले में गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases) की स्क्रीनिंग का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत हाइपरटेंशन डायबिटीज कैंसर स्क्रीनिंग, हृदय रोग, लीवर आदि की जांच कर आवश्यक उपचार किए जाते हैं। इसके लिए सभी पीएचसी, सीएचसी, हेल्थ वेलनेस सेंटर, अनुमंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल आदि में एनसीडी का कार्य चल रहे हैं। इस अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लोगों की स्क्रीनिंग कर संभावित रोगियों की पहचान एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
18 सितंबर को जारी राज्य स्तरीय रैंकिंग के अनुसार मधुबनी जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 95 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले को 515100 के लक्ष्य के विरुद्ध 489909 स्क्रीनिंग की उपलब्धि प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि के आधार पर मधुबनी जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है।जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, पदाधिकारियों एवं सभी स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें और अधिक तत्परता एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं एवं अभियानों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहज रूप से पहुंचे।जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन एवं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान सहित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए तथा मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर एवं सुगम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें