सीहोर : आयुष्मान के बकाया भुगतान पर निजी अस्पतालों का अल्टीमेटम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

सीहोर : आयुष्मान के बकाया भुगतान पर निजी अस्पतालों का अल्टीमेटम

  • सीहोर जिले के अस्पतालों ने शासन को सौंपा ज्ञापन, पुराने-नए पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों से अटके भुगतान और NABH की अनिवार्यता का किया विरोध

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सीहोर। आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान और अस्पतालों पर लागू की जा रही एनएबीएच (NABH) की अनिवार्यता को लेकर सीहोर जिले के निजी अस्पतालों में नाराजगी बढ़ गई है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन (UPHDA) ने मध्य प्रदेश शासन को ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 8 अक्टूबर से जिले के निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के मरीजों का इलाज बंद करने को मजबूर होंगे। एसोसिएशन के अनुसार, आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों को पिछले कई महीनों से भुगतान नहीं मिला है। वहीं पुराने पोर्टल-1 और नए पोर्टल-2 के बीच तकनीकी समस्याओं के चलते कई सीपीडी रिजेक्टेड (CPD Rejected) मामलों की राशि भी अटकी हुई है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण अस्पतालों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है।


NABH की अनिवार्यता पर भी जताई आपत्ति

एसोसिएशन ने वर्तमान में लागू की जा रही अस्पतालों की NABH संबंधी अनिवार्यता को अव्यावहारिक बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि एक ओर आयुष्मान योजना के भुगतान लंबे समय से लंबित हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों पर अतिरिक्त नियम और बाध्यताएं लागू की जा रही हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों के लिए योजना के तहत सेवाएं जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है।


मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचाने की मांग

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से आग्रह किया गया है कि निजी अस्पतालों की समस्याओं और आयुष्मान योजना के लंबित भुगतानों की स्थिति से मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश शासन को अवगत कराया जाए, ताकि अस्पतालों और मरीजों दोनों के हित में शीघ्र समाधान निकाला जा सके। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों का संचालन आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है। यदि लंबित भुगतानों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया और मांगों पर शासन स्तर से निर्णय नहीं लिया गया, तो 8 अक्टूबर से आयुष्मान मरीजों का उपचार रोकने जैसा कदम उठाना उनकी मजबूरी होगी।

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