- 1960 से लगातार चली आ रही परंपरा, नवरात्रि में भजन संध्या, संगीतमय सुंदरकांड और नवमी की रात कन्या भोज व भंडारे का होगा आयोजन; हिमांशु सोनी छोटा डान बने संगठन अध्यक्ष
भजन संध्या और संगीतमय सुंदरकांड होगा आकर्षण
नवरात्रि के दौरान प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा संगीतमय श्री सुंदरकांड सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी होंगे। नवमी की रात्रि को विशेष रूप से कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। नव ज्योति संगठन के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान सुबह और शाम आरती के साथ प्रसादी वितरण की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए संगठन के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
हिमांशु सोनी बने अध्यक्ष, कार्यकारिणी का किया विस्तार
संगठन की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर शहर के छावनी स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में वरिष्ठ पदाधिकारी अनिल पारे की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंकज गुप्ता, कमलेश अग्रवाल, देवेंद्र आर्य, संतोष सोनी, डॉ. गौरव ताम्रकार, आशीष पचौरी, आशीष गहलोत, मनोज दीक्षित मामा, संतोष सोनी, नरेंद्र राजपूत, तुषार सोनी, आयुष सोनी, दुष्यंत सोनी, रितेश अग्रवाल, उत्कर्ष जयपुरिया, नितिन अग्रवाल, हर्षित अग्रवाल, सुमित माहेश्वरी, अमित माहेश्वरी, राजेश परिहार, प्रकाश सोनी सहित संगठन के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में हिमांशु सोनी छोटा डान को सर्वसम्मति से नव ज्योति संगठन का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
नई कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी
नव नियुक्त अध्यक्ष हिमांशु सोनी के नेतृत्व में संगठन की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इसमें वंश पचौरी को कार्यक्रम अध्यक्ष, अंशुल ताम्रकार को उपाध्यक्ष, गौरव अग्रवाल को कोषाध्यक्ष, गणेशा जयपुरिया को सचिव, राघव अग्रवाल को संगठन मंत्री तथा चंदन चौरसिया को साज-सज्जा प्रभारी नियुक्त किया गया है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि नवरात्रि के दौरान सभी कार्यक्रमों को धार्मिक मर्यादा और श्रद्धा के साथ आयोजित किया जाएगा। मां दुर्गा की आराधना के साथ शहरवासियों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास रहेगा।
नौ दिनों तक गूंजेंगे जयकारे
नमक चौराहे पर नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का भव्य दरबार सजाया जाएगा। सुबह-शाम होने वाली आरती, विशेष श्रृंगार, भजन संध्या, सुंदरकांड, प्रसादी वितरण और नवमी के कन्या भोज एवं भंडारे के कारण पूरे नौ दिनों तक क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहेगा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।

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