कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय नागरिकों को मताधिकार से वंचित करने का तरीका अब ‘‘भारत में लोकतंत्र की हत्या’’ में बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को शांतिपूर्ण धरने से ‘‘घसीटकर’’ ले जाया गया, जबकि उनकी मांग केवल निर्वाचन आयोग से मुलाकात करने की थी। रमेश ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंने दावा किया कि यह ‘‘ऐसे शासन का संकेत है, जिसे पता है कि उसका जाना निकट है।’’ कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘क्या आपको लगता है कि हमें गिरफ्तार करने से हमारी आवाज दब जाएगी?’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी की पार्टी है और उसका ‘‘सत्याग्रह कभी विफल नहीं होगा।’’
नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी दलों के कुछ अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की निंदा की और कहा कि अब मोदी सरकार की विदाई तय है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नियंत्रित दिल्ली पुलिस द्वारा राहुल गांधी को जबरन हिरासत में लेना संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के व्यवहार में काफ़ी घबराहट दिखाई दे रहा है। याद रखिए, लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है। जनता हर कार्रवाई का हिसाब लेती है।’’

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें