मधुबनी की माटी पर दो दशक बाद फिर लौटेगी जन-संस्कृति की धमक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026

मधुबनी की माटी पर दो दशक बाद फिर लौटेगी जन-संस्कृति की धमक

  • "इप्टा के 17वें बिहार राज्य सम्मेलन सह राष्ट्रीय सांस्कृतिक समारोह " को लेकर आयोजन समिति की बैठक संपन्न, तैयार हुई रूपरेखा

Ipta-madhubani-meeting
मधुबनी, 22 अक्टूबर, (रजनीश के झा) । भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) के आगामी बिहार राज्य सम्मेलन की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की एक अहम बैठक मुख्य संरक्षक –सह– पूर्व मंत्री समीर कुमार महासेठ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में सम्मेलन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के उद्देश्य से आयोजन समिति एवं उपसमिति गठन किया गया और आयोजन से जुड़ी संभावित रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में बिहार इप्टा अपने गौरवशाली 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में इस 17वें राज्य सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मधुबनी इकाई को मिलना बेहद खास माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2007 में मधुबनी इप्टा ने राज्य सम्मेलन का सफल आयोजन किया था, जब देश के जाने-माने कलाकारों के अलावे सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री नंदिता दास जैसे दिग्गज कलाकार शहर की सड़कों पर स्थानीय कलाकारों के साथ पैदल घूमे थे। करीब 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मिथिला की सांस्कृतिक धरती पर जन-संस्कृति के इस बड़े समागम को लेकर रंगकर्मियों और कलाप्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।


बैठक में सम्मेलन के संभावित स्वरूप, तिथियों और व्यवस्थाओं पर प्राथमिक सहमति बनी। प्रस्तावित रूपरेखा के अनुसार, यह तीन दिवसीय महासम्मेलन आगामी 02 से 04 अप्रैल 2027 को आयोजित किया जाएगा। जबकि 01 अप्रैल 2027 को कर्टन रेज़र और प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रस्तावित की गई है। कार्यक्रम के महासचिव इंद्र भूषण रमण बमबम ने बताया कि सम्मेलन में देश व राज्य भर से लगभग 500 कलाकारों के जुटने का अनुमान है, जिनमें करीब 200 महिला कलाकार शामिल होंगी। इसके मंच पर मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका और बज्जिका जैसी लोक भाषाओं के सशक्त नाटकों व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का ताना-बाना बुनने पर विमर्श हुआ। इस समारोह में देश भर के कलाकार और उनका दल अपने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। उत्तरपूर्व राज्यों असम,  त्रिपुरा एवं मणिपुर से सांस्कृतिक दल, दक्षिण के राज्य केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना के सांस्कृतिक दल सहित पश्चिम के राज्यों की सांस्कृतिक दल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड के सांस्कृतिक दलो के भाग लेने की संभावना है साथ ही नेपाल की सांस्कृतिक दल भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। 


राष्ट्रीय फलक के साहित्यकार डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल, वरिष्ठ रंगकर्मी व विख्यात फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, फिल्म अभिनेत्री रत्ना पाठक, मनोज बाजपेयी, प्रकाश राज, आशीष विद्यार्थी, अखिलेंद्र मिश्रा, विनीत कुमार, प्रसन्ना, डा कमलानंद झा और दुर्गेश कुमार जैसे शख्सियतों  का भाग लेने की संभावना है। इस वृहद आयोजन और आवासन, भोजन व मंच सज्जा जैसी व्यवस्थाओं के संचालन हेतु संभावित बजट का आकलन करते हुए जनसहयोग व चंदे के माध्यम से राशि जुटाने की बात रखी गई। समारोह को सुचारू रूप देने के लिए स्वागत एवं आयोजन समिति के विभिन्न दायित्वों और प्रमुख नामों के प्रस्ताव भी पटल पर रखे गए, जिन्हें आगामी बैठकों में अंतिम रूप दिया जाएगा। 


इस कार्यक्रम के  संरक्षक मंडल में समीर महासेठ (पूर्व उद्योग मंत्री, बिहार), बिंदु गुलाब यादव, विमल मसकरा और अनिल बैरोलिया,  के नाम रखे गए। अध्यक्ष मंडल के लिए श्री अरविंद प्रसाद, रामश्रृंगार पांडे, एस.एन. लाल, प्रो. विनय कुमार लाल दास, सुरेश बैरोलिया, डॉ. हेमचंद्र झा, रामचंद्र शर्मा,श्रीमती मनीषा लाल, चंदना दत्त, मिनाक्षी कुमारी व किरण वर्मा के नाम प्रस्तावित हुए। आयोजन समिति महासचिव के रूप में  इंद्रभूषण रमन 'बमबम', कोषाध्यक्ष पद हेतु अमित महासेठ व रमेश कुमार। साथ ही कार्यालय सचिव के दायित्व के लिए श्री पंचम प्रकाश का नाम प्रस्तावित किया गया।  वहीं सचिव मंडल में साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त लेखक ऋषि बशिष्ठ, जटाधर पासवान, रंजीत रॉय, अजयधारी सिंह, सुनील कुमार यादव, श्रीप्रसाद दास, रंजीत कुमार राय, अभिषेक कुमार, प्रभात कुमार, पूजा कुमारी, सिमरन कुमारी, रूपा कुमारी और अरविंद गुप्ता चुने गए। प्रत्येक समिति में कुछ स्थान खाली रखे गए है जिनमें अगले बैठक में नामों को भरा जाएगा।


कोर समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में अरविंद प्रसाद, प्रो. विनय कुमार लाल दास, पवन कुमार, अमित महासेठ,  संजय कुमार, एस एन लाल, अजयधारी सिंह, मीनाक्षी कुमारी, सुरेश बैरोलिया, श्रीप्रसाद दास, कौशल नायक, रंजीत राय, रमेश कुमार, अभिषेक आकाश, पूजा कुमारी, प्रभात रंजन एवं अन्य साथी उपस्थित रहें। सभी ने एकजुट होकर इस आयोजन को मिथिला और बिहार के सांस्कृतिक इतिहास में एक मील का पत्थर बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम स्थल शहर का नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मधुबनी से पांच बार के सांसद इप्टा बिहार के संरक्षक स्वर्गीय भोगेंद्र झा महानगर, मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम मंच का नाम बिहार के  पूर्व मंत्री सह मधुबनी के पूर्व विधायक इप्टा मधुबनी के संरक्षक स्वर्गीय राजकुमार महासेठ सांस्कृतिक मंच, कला दीर्घा का नाम अंतरराष्ट्रीय कला पुरस्कार से सम्मानित मिथिला पेंटिंग के प्रसिद्ध कलाकार स्वर्गीय विमला दत्त कला दीर्घा, विचार गोष्ठी स्थल का नाम बिहार के प्रसिद्ध कलाकार मिथिला  के शान स्वर्गीय नचारी झा विचार स्थल रखा गया है। तथा बिहार और राष्ट्र के अन्य विशेष व्यक्तियों, कलाकारों के नाम पर पूरे शहर में गेट, तोरण द्वार आदि लगेंगे।

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