वक्ताओं ने कहा कि ठंड के कड़ाके में जब लोग घरों में दुबके रहते थे, तब सुदामा देवी जी गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल, गर्म कपड़े एवं भोजन वितरित करती थीं। गरीब और निर्धन बच्चों को देखकर उनका हृदय द्रवित हो जाता था, वे उनके बीच पुस्तक, कलम, कॉपी और मिठाइयाँ वितरित कर शिक्षा के प्रति जागरूक करती थीं। वे अत्यंत धर्मपरायण, सरल स्वभाव और मिलनसार महिला थीं। समाज में सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव की वे जीती-जागती मिसाल थीं। उनके द्वारा दिखाए गए सेवा और संस्कार के मार्ग पर आज उनके सुपुत्र एस. के. निराला भी समाज सेवा कर रहे हैं। उनके निधन से केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समस्तीपुर ने एक अभिभावक खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें। इस अवसर पर भाकपा माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर, अधिवक्ता मोo शाहिद हुसैन, उत्कर्ष बैंक के रीजनल मैनेजर रवि आनंद, सहायक प्रोफेसर डॉ. रजनीश कुशवाहा, राजद जिला महासचिव मनोज कुमार राय, समाजसेवी अनंत कुशवाहा, समाजसेवी आदित्य ठाकुर, रेल विस्तार मंच के रामविनोद पासवान, पूर्व बैंक अधिकारी विश्वनाथ हजारी, अधिवक्ता संजय बबलू, अदालतकर्मी रवि कुमार दूबे, समाजसेवी ज्योतिष महतो, मनोज पटेल, ललित कुमार, अनिल सिंह, राजकुमार भगत, ईo राजेश कुमार, जयलाल राय, मोहम्मद अमरोज सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित थे।
समस्तीपुर, 22 अक्टूबर । समस्तीपुर शहर के लोकप्रिय समाजसेवी एवं सर्वहारा ट्रेड यूनियन नेता एस. के. निराला की पूज्य माता जी स्व० सुदामा देवी के द्वादशा एवं पगड़ी-बंधन के अवसर पर उनके निजी आवास पाहेपुर (शंभूपट्टी) में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की, संचालन जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी सह अधिवक्ता मोहम्मद शाहिद हुसैन ने किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्व० सुदामा देवी केवल संतोष निराला की माता नहीं, बल्कि पूरे समाज की माता एवं पथ प्रदर्शक थीं। उनका पूरा जीवन मानव सेवा, परोपकार और धर्म के लिए समर्पित था। वे गरीबों की सच्ची हमदर्द, असहायों की सहारा और पीड़ितों की मसीहा थीं।

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