दिल्ली पुलिस ने बड़े प्रदर्शनों के लिए जगह तय कर दी है। 1,000 से 50,000 लोगों तक की भीड़ वाले प्रदर्शन रामलीला मैदान में होंगे, जबकि 50,000 से अधिक लोगों की भीड़ के लिए बुराड़ी निर्धारित किया गया है। शीर्ष अदालत ने जुलाई 2018 के अपने फैसले में कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक मौलिक अधिकार है, लेकिन यह निर्देश भी दिया था कि प्रदर्शनों को नियंत्रित करने तथा प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को सार्वजनिक व्यवस्था एवं निवासियों के हितों के साथ संतुलित करने के लिए एक तंत्र बनाया जाए। यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि 'इंडिया' गठबंधन के सांसद और समर्थक बुधवार को जंतर-मंतर की ओर बढ़े, जबकि एक दिन पहले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्वाचन आयोग की ओर मार्च करने तथा आकाशवाणी भवन के भीतर आठ घंटे से अधिक समय तक धरना देने के बाद हिरासत में लिया गया था। कॉजपा ने जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बारे में दिल्ली पुलिस को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है। कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास ने संसद मार्ग थाने में एक सूचना पत्र सौंपा है। संगठन ने कहा है कि इसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि जंतर-मंतर शांतिपूर्ण और स्वीकृत प्रदर्शनों के लिए एक अधिकृत स्थल है, लेकिन ऐसे विरोध प्रदर्शन पूर्व अनुमति और निर्धारित भीड़ संबंधी नियमों के तहत ही होंगे।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति 10 दिन पहले मांगनी होगी और प्रदर्शन में 1,000 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते। दिल्ली पुलिस ने यह स्पष्टीकरण ऐसे वक्त दिया है जब विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को जंतर मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई है। 'मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ' मामले में उच्चतम न्यायालय के 2018 के फैसले के अनुपालन में दिल्ली पुलिस ने स्थायी आदेश जारी किया था जिसके तहत, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, धरना और प्रदर्शन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। पुलिस के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 1,000 लोगों तक की भीड़ वाले प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर निर्धारित है। इससे अधिक संख्या वाले प्रदर्शनों को अन्य निर्धारित स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तावित कार्यक्रम से कम से कम 10 दिन पहले नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त कार्यलाय में जमा करना आवश्यक है। दिशानिर्देशों में इंडिया गेट, सी-हेक्सागॉन, मानसिंह रोड, जनपथ, राजपथ और आसपास के लॉन सहित सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई है।

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