उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने भारतीय मित्रों की इस तत्परता और उनके द्वारा दिए जा रहे सुझावों के लिए आभारी हैं।’’ उनकी यह टिप्पणी यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा द्वारा भारत के रूस के साथ संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव को कीव को मिले चार प्रस्तावों में “सबसे व्यापक” बताए जाने के कुछ दिनों बाद आई है। अन्य प्रस्ताव तुर्किये, मिस्र और अमेरिका की ओर से आए थे। ‘यूरोपीय प्रावदा’ अखबार के अनुसार, सिबिहा ने शुक्रवार को कीव में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे पास चार प्रस्ताव हैं। इनमें सबसे व्यापक प्रस्ताव भारत का है। हम ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर से जुड़े युद्धविराम के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी संभव होगा जब दोनों को एक साथ लागू किया जाये।’’ रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अब तक हजारों नागरिकों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। यह युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पिछले सप्ताह राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि यूक्रेन संघर्ष के पारस्परिक समाधान को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास “बहुत अच्छे सुझाव” हैं। पुतिन ने बृहस्पतिवार को ‘वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब’ की वार्षिक बैठक में कहा था कि मोदी ‘‘हमारी हर बैठक में इन मुद्दों को उठाते हैं और इनमें गहरी रुचि लेते हैं।’’ पुतिन ने कहा था, ‘‘उनके (मोदी) पास ऐसे बहुत अच्छे सुझाव हैं, जिनका उद्देश्य सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशना है।’’
भारत ने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में व्यावहारिक योगदान देने के वास्ते अपनी तत्परता जाहिर की है और रूस इस संबंध में दिए गए सुझावों के लिए नयी दिल्ली का आभारी है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक प्रमुख सहयोगी ने बुधवार को यह बात कही। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ये टिप्पणियां उस सवाल के जवाब में कीं, जिसमें उनसे मीडिया में आई उन खबरों के बारे में पूछा गया था कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए तीन चरणों वाला एक नया प्रस्ताव भेजा है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ की खबर में पेस्कोव के हवाले से कहा गया है, ‘‘वास्तव में, भारत ने यूक्रेन से जुड़े मौजूदा हालात के समाधान में व्यावहारिक योगदान देने को लेकर अपनी तत्परता जाहिर की है।’’

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