मिथिला स्टूडेंट यूनियन के वरिष्ठ नेता प्रवेश झा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर निजी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुँचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता का सीधा असर आम परिवारों पर पड़ता है। प्रशासन को नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर ठोस कार्रवाई समय की माँग है। जिला महासचिव राजन दत्त झा ने कहा कि केवल शिकायतों के आधार पर औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिले में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों का व्यवस्थित सर्वेक्षण एवं जाँच आवश्यक है। बिना वैध अनुमति या निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर संचालित संस्थानों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, जाँच की प्रक्रिया और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जाए, जिससे आम जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो सके। मयंक विश्वास ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी जाँच की विश्वसनीयता, योग्य तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता और मरीजों से निर्धारित शुल्क लेने जैसे विषयों पर विशेष निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से माँग की कि आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।
धरना में मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण, नेता अविनाश भारद्वाज, जिला परिषद सदस्य अमित कुमार ठाकुर, नेता विजय श्री टुन्ना, मधुबनी जिला कोषाध्यक्ष रौशन भारद्वाज, चंदन सिंह , प्रवेश झा, गोपी ग्वाला CMJ कॉलेज अध्यक्ष राजन झा , जिला महासचिव मणिराज कुमार , निहाल कुमार,गौरव कुमार,आनंद पासवान , प्रशांत रंजन , मिहिर ठाकुर , मुरारी मंडल , शिवेश , मोनू चौधरी , कृष्णमोहन , अभिषेक यादव जिला अध्यक्ष दरभंगा , नवीन साहनी , आदित्य मण्डल , अमित मिश्रा , रमेश बाबा , नारायण मिश्रा , अजय झा , चंद्रवीर ठाकुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य वैध स्वास्थ्य संस्थानों को परेशान करना नहीं, बल्कि अवैध एवं मानकविहीन संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। संगठन ने जिला प्रशासन से जनहित की इस माँग पर शीघ्र संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए कहा कि आम जनता को सुरक्षित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

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