दिल्ली : लोक सेवाओं में ऐसे युवाओं को लाना होगा जो सरकारी पद से नहीं, जनसेवा से आकर्षित हों : मोदी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

दिल्ली : लोक सेवाओं में ऐसे युवाओं को लाना होगा जो सरकारी पद से नहीं, जनसेवा से आकर्षित हों : मोदी

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश को ऐसे युवाओं को लोक सेवाओं में लाना चाहिए, जो सरकारी पद पाने के लिए आकर्षित न हों, बल्कि जनसेवा से प्रेरित हों। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भर्ती परीक्षा में केवल यह न परखा जाए कि अभ्यर्थी को कितना ज्ञान है, बल्कि यह भी देखा जाए कि ‘‘वह युवा सिविल सेवाओं में क्यों आना चाहता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मंत्र है... नागरिक देवो भव। यानी हमारे लिए देश का नागरिक किसी देवता से कम नहीं है। हमारे लिए नागरिक की सेवा सर्वोपरि है।’’ 


मोदी ने कहा कि ‘‘हमें हमेशा दो बातों को कसौटी के रूप में याद रखना चाहिए। पहला- राष्ट्र प्रथम। दूसरा- नागरिक प्रथम।’’ उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएएसी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें ऐसे युवाओं को लोक सेवाओं में लाना चाहिए, जो सरकारी पद से नहीं, बल्कि जनसेवा से आकर्षित हों। इसलिए यह जरूरी है कि भर्ती परीक्षा में केवल यह न परखा जाए कि अभ्यर्थी को क्या पता है, बल्कि यह भी देखा जाए कि वह युवा सिविल सेवाओं में क्यों आना चाहता है।’’ मोदी ने इस अवसर पर एक स्मारक सिक्का, डाक टिकट और ‘100 लैंडमार्क जजमेंट्स : शेपिंग द पॉलिसीज ऑफ यूपीएससी एंड पब्लिक सर्विस कमीशंस इन इंडिया’ शीर्षक वाली पुस्तक भी जारी की। बृहस्पतिवार का कार्यक्रम उन सालभर चले समारोहों के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया, जो एक अक्टूबर 2025 को शुरू हुए थे। इन समारोहों का आयोजन 1926 में यूपीएससी की हुई स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया।

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