- गाजियाबाद और लखनऊ में हिस्सा लेने वाले युवा सेल्स, कस्टमर सर्विस और स्टोर ऑपरेशंस में व्यावहारिक अनुभव (hands-on experience) हासिल कर रहे हैं
लखनऊ में, अंजलि शर्मा ग्राहकों की जरूरतों को समझना और वॉशिंग मशीन के फीचर्स के बारे में बताना सीख रही हैं। अपने काम के दौरान, उन्हें उत्पादों को संभालने और स्टॉक रिकॉर्ड रखने का भी अनुभव मिल रहा है। नाज़मीन सेल्स पिच की प्रैक्टिस कर रही हैं और यह सीख रही हैं कि टेलीविजन और रेफ्रिजरेटर जैसी अलग-अलग कैटेगरी में ग्राहकों की पसंद को कैसे पहचाना जाए। इस अनुभव से उन्हें रिटेल के कामकाज (ऑपरेशनल पक्ष) की भी अच्छी समझ मिलती है। मनीष निषाद इन्वेंट्री चेक, स्टॉक रिकॉर्ड, बिलिंग और कस्टमर सपोर्ट के बारे में सीख रहे हैं। सोनम मिश्रा एयर कंडीशनर और वॉशिंग मशीन की बिक्री, स्टॉक मैनेजमेंट और आफ्टर-सेल्स सर्विस (बिक्री के बाद की सेवा) का अनुभव ले रही हैं। कई प्रतिभागियों के लिए, यह अवसर उनके पारिवारिक लक्ष्यों से भी जुड़ा हुआ है। पूजा रावत एक स्थिर करियर बनाना और अपने परिवार की मदद करना चाहती हैं, जबकि नेहा कैरा घर के खर्चों और अपने बच्चों की शिक्षा में योगदान देना चाहती हैं। उनके ये लक्ष्य कई अन्य प्रतिभागियों के एक साझा उद्देश्य से जुड़े हैं: ऐसे कौशल, आत्मविश्वास और व्यावहारिक अनुभव हासिल करना, जो उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने में मदद कर सकें। इस कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन सीखने के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी शामिल है, जिससे प्रतिभागियों को उत्पादों की जानकारी, ग्राहक सेवा कौशल और रिटेल कामकाज की समझ विकसित करने में मदद मिलती है। वर्ष 2026 में इस कार्यक्रम के जरिए देशभर में 13,000 युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रतिभागियों के लिए, सीखने की प्रक्रिया शॉप फ्लोर पर भी जारी रहती है: ग्राहकों के साथ बातचीत करने, उत्पादों के बारे में समझाने और स्टोर की जिम्मेदारियां निभाने के दौरान, वे अपने कामकाजी जीवन के अगले चरण के लिए अनुभव जुटा रहे होते हैं।

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