उन्होंने कहा, ‘‘(पंजाब के मुख्यमंत्री) भगवंत मान जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब चाहिए, घोषणाएं नहीं, परिणाम चाहिए, नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच चाहिए।’’ गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं आज पंजाब की जनता के सामने अपना संकल्प दोहराता हूं कि पंजाब में हमारी सरकार बनने पर हम नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट है- नशे के कारोबार पर प्रहार, युवाओं के भविष्य की रक्षा, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और कानून का ऐसा राज, जिसमें कोई भी नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर न हो। मान ने शाह की पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात के एक बंदरगाह पर मादक पदार्थों की बरामदगी का जिक्र किया और केंद्रीय गृह मंत्री को अपने कर्तव्यों की जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी। मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘(गृह मंत्री) अमित शाह जी, मेरे बारे में बोलने से पहले आपको अपने सलाहकारों से मशविरा कर लेना चाहिए था। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र 50 किलोमीटर तक है। गुजरात के कांडला बंदरगाह पर 3,000 किलोग्राम ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक मादक पदार्थ) बरामद किया गया है। भगवंत मान पर आरोप लगाने से पहले अपनी जिम्मेदारी निभाइए। अपने चाटुकारों के लिए तैयार किए गए ट्वीट को यूं ही नकल करके पोस्ट मत कीजिए।’’ पिछले महीने, शाह ने जालंधर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन पर आयोजित रैली को संबोधित करते हुए ‘आप’ सरकार पर आरोप लगाया था कि उसके शासन में पंजाब में ‘चिट्टे’ का कारोबार खुलेआम हो रहा है। उन्होंने संकल्प जताया था कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बना दिया जाएगा। शाह ने 30 सितंबर को जालंधर दौरे के दौरान नशे की समस्या से प्रभावित कुछ परिवारों से भी मुलाकात की थी।
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के दिड़बा में दबाव के चलते एक पिता द्वारा जहर का सेवन करने और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगेगी। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि आखिर पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? शाह ने कहा, ‘‘दिड़बा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने ‘आप’ (आम आदमी पार्टी) सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय भी इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।’’ नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को मानसा के बाजार में मेडिकल स्टोर मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने झोटा पर उस समय गोली चलाई जब वह एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने को लेकर दुकानदार से सवाल-जवाब कर रहे थे। वहीं, दूसरी घटना संगरूर के दिड़बा निवासी गुलज़ार सिंह की सात सितंबर की कथित आत्महत्या से जुड़ी है। गुलजार के परिवार का आरोप है कि अपने इलाके में मादक पदार्थ तस्करी को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने पर प्रताड़ित किए जाने और जातिसूचक अपशब्द कहे जाने के बाद उन्होंने जहर खा लिया था। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दल नशे के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं। शाह ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।’’

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