दिल्ली : ब्राजील में लूला की चौथी जीत श्रमिक आंदोलनों के लिए उम्मीद : वाम दल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

दिल्ली : ब्राजील में लूला की चौथी जीत श्रमिक आंदोलनों के लिए उम्मीद : वाम दल

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नई दिल्ली। वाम दलों के नेताओं ने सोमवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को ऐतिहासिक रूप से चौथी बार राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि उनकी जीत श्रमिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे जन आंदोलनों को उम्मीद देती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा रविवार को चौथी बार राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। 


मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लूला और ब्राजील की जनता को ‘‘ऐतिहासिक चौथे राष्ट्रपति कार्यकाल’’ के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘वर्कर्स पार्टी, पीसीडीओबी और अन्य प्रगतिशील एवं लोकतांत्रिक ताकतों को सलाम, जिन्होंने इस जीत को संभव बनाने के लिए बहादुरी से संघर्ष किया।’’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ भारत में जारी प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए बेबी ने कहा कि लूला की जीत भारतीय युवाओं में भी नया उत्साह भरेगी। उन्होंने कहा कि लूला के चुनाव अभियान ने दिखाया कि जब लोग एकजुट होते हैं तो नफरत और विभाजन की राजनीति को पराजित किया जा सकता है। बेबी ने कहा कि ब्राजील की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘‘ब्राजील किसी का पिछलग्गू नहीं है।’’ भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी लूला को बधाई देते हुए कहा कि ब्राजील की जनता ने ‘‘अमेरिका समर्थित धुर दक्षिणपंथ’’ को पराजित किया है। भट्टाचार्य ने सर्बिया के चुनाव नतीजों का भी उल्लेख किया, जहां लंबे समय से सत्ता पर काबिज अलेक्जेंडर वुचिच ने रविवार को छात्र-नेतृत्व वाले विपक्षी आंदोलन के सामने हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा, ‘‘दो चुनाव, दो प्रेरणादायक नतीजे। ब्राजील में लूला ने बोल्सोनारो को हराकर चौथा कार्यकाल जीता और सर्बिया में छात्र आंदोलन ने वुचिच के लगातार अधिक निरंकुश होते शासन का अंत कर दिया।’’

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